बुलंदशहर में आरटीओ और BKDA के खिलाफ भाकियू का धरना:किसानों ने अवैध वसूली और जमीन के बदले 10% हिस्सा न देने का लगाया आरोप
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने बुलंदशहर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) और बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण (BKDA) के बाहर बुधवार दोपहर 3 बजे धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। भ्रष्टाचार और किसानों के उत्पीड़न को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने दोनों विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही समस्याओं का जल्द समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। आरटीओ पर अवैध वसूली का आरोप किसान यूनियन ने आरटीओ कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार पर रोष जताया है। किसानों का आरोप है कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर आम जनता और किसानों से 8,000 से 10,000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। जो लोग यह रकम देने से मना करते हैं, उनके लाइसेंस आवेदन बिना किसी जायज कारण के निरस्त कर दिए जाते हैं। कार्यकर्ताओं ने इसे रिश्वतखोरी करार दिया है।
खुर्जा विकास प्राधिकरण पर वादाखिलाफी का आरोप दूसरी ओर, खुर्जा में विकास प्राधिकरण द्वारा किसानों की अधिग्रहित जमीन को लेकर भी आक्रोश है। किसानों के अनुसार, जमीन अधिग्रहण के समय प्राधिकरण ने उन्हें कुल भूमि का 10 प्रतिशत हिस्सा देने का लिखित और मौखिक वादा किया था। हालांकि, वर्षों बीत जाने के बाद भी किसानों को उनकी जमीन का हक नहीं मिला है। किसानों का कहना है कि प्राधिकरण लगातार उन्हें परेशान और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। चौ. अरब सिंह बोले- ‘मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी’ धरना स्थल को संबोधित करते हुए भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष चौ. अरब सिंह ने कहा कि प्रशासन की मनमानी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक किसानों की जायज मांगें पूरी नहीं होतीं और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आरटीओ और विकास प्राधिकरण कार्यालय के बाहर धरना जारी रहेगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)