चित्रकूट में पुल टूटने से बढ़ी परेशानी:हनुमान धारा समेत धार्मिक स्थलों का रास्ता बंद, दीपावली से पहले दो पीपे के पुल बनाने की मांग
चित्रकूट में भीषण बाढ़ के चलते चित्रकूट नगर क्षेत्र में मध्य प्रदेश के चित्रकूट, नयागांव और हनुमान धारा समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाला पुल टूट गया है। पुल टूटने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई श्रद्धालु बिना दर्शन किए ही लौटने को मजबूर हैं। फिलहाल ज्यादातर लोग उत्तर प्रदेश क्षेत्र की डैम वाली पुलिया से आवागमन कर रहे हैं। पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी ने कहा कि हनुमान धारा मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में सितंबर महीने में करीब 90 प्रतिशत की कमी आई है। पुल टूटने के बाद आवागमन प्रभावित होने से धार्मिक पर्यटन पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में स्थायी पुल के निर्माण की मांग तेज हो गई है। दीपावली से पहले दो पीपे के पुल बनाने की मांग पुल की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पीपे का पुल बनाए जाने की चर्चा है। दीपावली पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय लोगों और साधु-संतों ने मांग की है कि अगर अस्थायी तौर पर पीपे के पुल बनाए जा रहे हैं तो कम से कम दो पुल बनाए जाएं। इनमें एक पुल आने और दूसरा जाने के लिए निर्धारित किया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदाकिनी में मामूली बारिश के बाद भी बाढ़ की स्थिति बन जाती है। ऐसे में दो अलग-अलग पुल होने से आवागमन का दबाव कम किया जा सकेगा। दीपावली पर 30 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान स्थानीय लोगों के मुताबिक दीपावली के दौरान करीब 30 लाख श्रद्धालुओं के चित्रकूट पहुंचने की संभावना है। ऐसे में पैदल आवागमन में ही परेशानी होने पर वाहनों के निकलने में और अधिक दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा अन्य अमावस्या पर्वों पर भी लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। माघ मेले के दौरान भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद रहती है। स्थानीय लोगों और साधु-संतों ने मध्य प्रदेश शासन से मांग की है कि स्थायी पुल बनने तक दो पीपे के पुल बनाए जाएं, ताकि आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग रास्ते उपलब्ध हो सकें।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)