दोहरीघाट-मधुबन के कई इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी:निचले इलाकों में घुटनों तक पानी, बंधों और रेगुलेटरों पर बढ़ा दबाव
सरयू नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे से 70.65 मीटर पर स्थिर बना हुआ है, लेकिन तेज लहरों और नदी के बढ़े दबाव से तटवर्ती इलाकों में दहशत बरकरार है। नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 75 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बढ़ते जलस्तर के चलते दोहरीघाट कस्बे के निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी घुस गया है। तीन मोहल्लों में घुटनों से अधिक पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नदी का पूरा दबाव अब रिंग बंधों पर पड़ रहा है। अंवराडांड़ से नवली गांव के समीप तक बने डबल कैंची बंधे पर भी नदी का दबाव बढ़ गया है। ग्रामीणों को बंधे की सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है। तटवर्ती क्षेत्रों में सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब चुकी है। बेलौली सोनबरसा गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है, जबकि पतनई, गौरीडीह और बहादुरपुर गांवों में भी पानी पहुंचने लगा है। कस्बे के प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रामघाट पर नाव, गोताखोर और एयर ट्यूब लगाए गए हैं। नगर पंचायत की टीम जलस्तर पर लगातार नजर रख रही है। प्रभावित मोहल्लों में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। बढ़े जलस्तर के कारण बंधों पर लगे रेगुलेटरों से भी रिसाव हो रहा है। बीबीपुर बंधे पर बेलौली के पास लगे रेगुलेटर से तेजी से पानी रिसने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना के बावजूद रिसाव को बंद नहीं कराया गया है। इससे रेगुलेटर के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों के मुताबिक बेलौली रेगुलेटर टूटने की स्थिति में दो दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हो सकते हैं। बेलौली सोनबरसा, पतनई, बहादुरपुर, ठिकरहिया, बीबीपुर और उसरा समेत दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी खेतों तक पहुंच गया है। धान की फसल जलमग्न होने से किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन संजय मात्रे ने बताया कि नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बंधों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सभी बाढ़ चौकियों पर तैनात बेलदारों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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