चन्द्रलोक पार्क में श्रीमद्भागवत कथा:भगवान के 21 अवतारों के प्रसंग का वर्णन, सदाचार और आत्मज्ञान का संदेश दिया
मेरठ के चन्द्रलोक पार्क में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास आचार्य जनार्दन तिवारी ने श्रद्धालुओं को भगवान के 21 अवतारों एवं सृष्टि की उत्पत्ति से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण श्रवण कराया। उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऋषि-मुनियों का क्रोध भी हमेशा मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है; इसलिए जीवन में क्रोध के साथ विवेक का होना अत्यंत आवश्यक है। व्यास जी ने बच्चों को अच्छे संस्कार देने और कन्याओं का विवाह संस्कारित परिवार में करने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। कथा के दौरान धृतराष्ट्र द्वारा विदुर जी से सलाह लेने, ब्रह्मा जी द्वारा सृष्टि के आरंभ, कश्यप व दिति की कथा तथा जय-विजय को सनकादि ऋषियों के श्राप का प्रसंग विस्तार से सुनाया गया। इसके अलावा, कर्दम ऋषि व माता देवहुति के पाणिग्रहण संस्कार और भगवान कपिल के जन्म व उनके आध्यात्मिक उपदेश का भी मार्मिक वर्णन किया गया। आचार्य ने कहा कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख पाना नहीं, बल्कि सदाचार, भक्ति और आत्मज्ञान के मार्ग पर चलकर जीवन को सार्थक बनाना है। कथा के दौरान भगवान के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी सचिन कुमार गुप्ता, राजेंद्र उपाध्याय, देव गुप्ता, अरविंद गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, प्रीति गर्ग, विभा तिवारी और कंचन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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