दहेज हत्या के दोषी पति को 10 साल कैद:फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला, 10 हजार जुर्माना और 302 के आरोप से बरी
देवरिया फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में पति योगेंद्र यादव को 10 साल की जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने योगेंद्र को धारा 498ए, 304बी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 में दोषी माना। वहीं धारा 120बी और 302 के आरोप से उसे बरी कर दिया। 2014 में हुई थी शादी मामला भाटपार रानी थाना क्षेत्र का है। सिवान की रहने वाली लालसा कुमारी की शादी योगेंद्र यादव से 29 मई 2014 को हुई थी। 24 अप्रैल 2017 को उसका गवना हुआ। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोग दहेज में 50 हजार रुपए और मोटरसाइकिल की मांग को लेकर लालसा को प्रताड़ित करने लगे। नदी किनारे मिला था शव 22 जुलाई 2017 को लालसा की मौत हो गई। अगले दिन चौकीदार सुभाष यादव ने पुलिस को सूचना दी कि नदी किनारे चारपाई पर लालसा का शव संदिग्ध हालत में पड़ा है। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी वहां से फरार हो गए थे। सात लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था केस मामले में 27 जुलाई 2017 को योगेंद्र यादव समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने योगेंद्र को दहेज हत्या और प्रताड़ना से जुड़े आरोपों में दोषी माना। 302 और 120बी के आरोप से बरी अदालत ने योगेंद्र यादव को धारा 498ए, 304बी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 में दोषी ठहराया। वहीं धारा 120बी और 302 के आरोप से उसे बरी कर दिया। कोर्ट ने दोषी पति को 10 साल की जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
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