धनकुट्टी में दिखा कोलकाता का रंग:लाइट-कैमरा-एक्शन के बीच शूट हुआ हिंसा का सीन, कल मनोज बाजपेई आएंगे
फिल्म ‘गांधी एंड माय मदर’ की शूटिंग के दूसरे दिन गुरुवार रात को धनकुट्टी इलाके में मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री जैसा नजारा देखने को मिला। कत्था धर्मशाला को फिल्मी सेट में तब्दील कर दिया गया। धर्मशाला के बाहर रंग-बिरंगी लाइटें लगाई गईं तो आसपास की दुकानों के बोर्ड बंगाली भाषा में लिखकर पूरे इलाके को कोलकाता का लुक दिया गया। कुछ देर के लिए धनकुट्टी की गलियां कानपुर नहीं, बल्कि कोलकाता जैसी नजर आईं। इस फिल्म में अभिनेता मनोज बाजपेई बापू के रोल में हैं। वह पहले दिन बुधवार को आनंदबाग आए थे। वह अंतिम दिन भी शूटिंग में आएंगे। घायल लोग व पलटी चारपाई धर्मशाला के भीतर फिल्म के उस दौर को जीवंत किया गया, जब देश आजादी की लड़ाई के दौर से गुजर रहा था। यहां आंदोलन से पहले हुई हिंसा से जुड़े दृश्यों की शूटिंग की गई। पुराने जमाने का माहौल तैयार करने के लिए सेट को उसी अंदाज में सजाया गया था। अंदर कुछ लोग घायल अवस्था में पड़े दिखाई दिए, जबकि एक चारपाई पलटी हुई थी। पूरा दृश्य देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे दर्शक किसी पुराने दौर की घटना के बीच पहुंच गए हों। धनकुट्टी में दो दिन शूटिंग फिल्म की कानपुर में तीन दिन शूटिंग निर्धारित है। बुधवार को पहले दिन आनंद बाग चौराहा और आसपास के क्षेत्र में शूटिंग हुई। इसके बाद गुरुवार को धनकुट्टी में फिल्म के महत्वपूर्ण दृश्यों को कैमरे में कैद किया गया। शुक्रवार को शूटिंग का तीसरा और अंतिम दिन होगा। खास बात यह है कि अंतिम दिन अभिनेता मनोज बाजपेयी भी शूटिंग का हिस्सा होंगे। यह संभाल रहे जिम्मेदारी फिल्म का निर्देशन सुधीर मिश्रा कर रहे हैं। कानपुर में शूटिंग को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियों की जिम्मेदारी लाइन प्रोड्यूसर रिजवान अख्तर संभाल रहे हैं। फिल्म की टीम ने शहर के पुराने इलाकों और इमारतों को कहानी के दौर के मुताबिक ढालकर शूटिंग की है।
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