डीएम पहुंचे तो जेएन कॉलेज की व्यवस्थाओं की पोल खुली:17 साल से बंद महिला छात्रावास 1 नवंबर से खुलेगा, छात्रों का आंदोलन खत्म
बांदा जनपद के पंडित जेएन पीजी कॉलेज में छात्र-छात्राओं के 5 दिन से चल रहे आंदोलन का शुक्रवार को असर दिखाई दिया। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने दोपहर 11 बजे पहुंचकर खुद कॉलेज पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। छात्रों की मांगों और कॉलेज में सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग कामों के लिए समयसीमा तय की गई। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने आंदोलन समाप्त कर दिया। निरीक्षण के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर और कॉलेज के प्रबंधन से जुड़ी कमियां सामने आईं। जिलाधिकारी ने बताया कि इन कमियों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। कुछ व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि निर्माण और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों के लिए अलग समयसीमा तय की गई है। पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए सबसे बड़ा सवाल 17 साल से बंद पड़े महिला छात्रावास को लेकर रहा। छात्रों ने बताया कि छात्रावास बनने के बाद भी इसका संचालन नहीं हुआ। जिलाधिकारी ने कहा कि छात्रावास का संचालन पहले ही हो जाना चाहिए था। इसके बंद रहने का ठोस कारण अभी सामने नहीं आया है। प्रशासनिक टीम को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए छात्रावास शुरू करना जरूरी बताया गया है। इसके लिए 1 नवंबर से आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की समयसीमा तय की गई है। कॉलेज में छात्राओं के लिए प्रसाधन की व्यवस्था भी 17 अक्टूबर तक कराने के निर्देश दिए गए हैं। पुरुष प्रसाधन की व्यवस्था भी कराई जाएगी। कक्षाओं का नियमित संचालन 17 अक्टूबर से शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है। टाइम टेबल 7 अक्टूबर तक सेंट्रल डिस्प्ले पर लगाने और छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। खेल व्यवस्था सुधारने के लिए 18 अक्टूबर से 3 नवंबर तक खेल सामग्री की जांच होगी और आवश्यक सामग्री 15 नवंबर तक उपलब्ध कराई जाएगी। परिसर की स्वच्छता और सुंदरीकरण 25 अक्टूबर तक कराने का लक्ष्य रखा गया है। शिकायत प्रकोष्ठ, आंतरिक परिवाद समिति और क्रीड़ा समिति समेत समितियों का गठन 4 अक्टूबर तक किया जाएगा। पुस्तकालय की किताबें छात्रों को तत्काल इश्यू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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