हीरा ग्रुप की 159 करोड़ की संपत्तियां नीलाम
प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए हीरा ग्रुप और उससे जुड़ी संस्थाओं की 159 करोड़ रुपये मूल्य की 23 अचल संपत्तियों की नीलामी कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से प्राप्त राशि का उपयोग निवेशकों और पीड़ितों को धन लौटाने के लिए किया जाएगा।
दि राइजिंग न्यूज़ | हैदराबाद | 21 जून 2026
ईडी की बड़ी कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय ने बहुचर्चित हीरा ग्रुप मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए समूह और उससे जुड़ी संस्थाओं की 23 अचल संपत्तियों की नीलामी कर दी है। नीलाम की गई संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 159 करोड़ रुपये बताया गया है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत की गई है।
निवेशकों से जुटाए गए थे हजारों करोड़ रुपये
जांच एजेंसी के अनुसार हीरा ग्रुप ने देशभर के निवेशकों को सालाना 36 प्रतिशत से अधिक रिटर्न का लालच देकर बड़ी मात्रा में धन जुटाया था। ईडी का आरोप है कि समूह ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निवेशकों से 5,978 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र की।एजेंसी का कहना है कि निवेशकों को न तो वादा किया गया लाभ दिया गया और न ही बड़ी संख्या में लोगों को उनकी मूल निवेश राशि वापस मिली। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई और धन शोधन के आरोपों के तहत कार्रवाई की गई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई नीलामी
प्रवर्तन निदेशालय के हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने बताया कि संपत्तियों की नीलामी 19 जून 2026 को एक सरकारी ई-नीलामी मंच के माध्यम से कराई गई। इससे पहले इन संपत्तियों को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कथित अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए जब्त किया गया था।नीलामी की पूरी प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप संपन्न की गई ताकि निवेशकों के हितों की रक्षा की जा सके।
पीड़ित निवेशकों को लौटाई जाएगी राशि
नीलामी से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग उन निवेशकों और पीड़ितों को धन लौटाने के लिए किया जाएगा जिन्होंने समूह की योजनाओं में निवेश किया था। यह प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में संचालित की जाएगी। इस कदम से लंबे समय से अपने धन की वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हजारों निवेशकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
नोहेरा शेख पहले ही हो चुकी हैं गिरफ्तार
मामले की मुख्य आरोपी नोहेरा शेख को प्रवर्तन निदेशालय ने मई 2026 में गिरफ्तार किया था। एजेंसी के अनुसार उनकी गिरफ्तारी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन न करने और जांच में सहयोग नहीं करने के आरोपों के बाद की गई।वर्तमान में नोहेरा शेख न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की सुनवाई जारी है।
सहयोगी पर भी कार्रवाई
ईडी ने इस मामले में नोहेरा शेख की सहयोगी और निजी सहायक नाजनीन अंसारी उर्फ अबीदा को भी गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने कथित अपराध से अर्जित धन के प्रबंधन में भूमिका निभाई और नीलामी प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने का प्रयास किया।नाजनीन भी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और उनके खिलाफ जांच जारी है।
आगे भी जारी रहेगी जांच
प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों और संभावित लाभार्थियों की जांच अभी जारी है। एजेंसी पूरे मामले की परतें खोलने और निवेशकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई करती रहेगी।यह मामला देश के सबसे चर्चित निवेश और धन शोधन मामलों में से एक माना जाता है, जिसमें हजारों निवेशकों के धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं।