कर्नाटक में विभागों का बंटवारा, प्रियांक खड़गे को मिला गृह मंत्रालय, शिवकुमार ने अपने पास रखे अहम विभाग

कर्नाटक में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया है। प्रियांक खड़गे को गृह मंत्रालय, जी परमेश्वर को राजस्व विभाग और यतींद्र सिद्धारमैया को शहरी विकास मंत्रालय सौंपा गया है। मुख्यमंत्री ने वित्त, कैबिनेट मामले और खुफिया विभाग अपने पास रखे हैं। विभागों के आवंटन को नई सरकार की राजनीतिक और प्रशासनिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

कर्नाटक में विभागों का बंटवारा, प्रियांक खड़गे को मिला गृह मंत्रालय, शिवकुमार ने अपने पास रखे अहम विभाग

दि राइजिंग न्यूज़। बेंगलुरु। 05 जून 2026

कर्नाटक में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंत्रिमंडल के विभागों का बहुप्रतीक्षित बंटवारा कर दिया है। विभागों के आवंटन के साथ ही राज्य की नई सरकार की प्रशासनिक प्राथमिकताएं भी स्पष्ट हो गई हैं। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने वित्त, मंत्रिमंडलीय मामलों और खुफिया विभाग जैसे सबसे महत्वपूर्ण मंत्रालय अपने पास रखे हैं, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे को राज्य का नया गृह मंत्री बनाया गया है। राजनीतिक दृष्टि से सबसे ज्यादा चर्चा प्रियांक खड़गे को गृह मंत्रालय मिलने को लेकर हो रही है। गृह मंत्रालय राज्य की कानून व्यवस्था, पुलिस प्रशासन और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण विभाग माना जाता है। हालांकि खुफिया विभाग मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपने पास ही रखा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि सरकार सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों पर मुख्यमंत्री स्तर से सीधी निगरानी बनाए रखना चाहती है।

मुख्यमंत्री ने अपने पास रखे सबसे प्रभावशाली विभाग

विभागों के बंटवारे में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने वित्त, कैबिनेट मामले और खुफिया विभाग अपने पास रखे हैं। वित्त विभाग राज्य की आर्थिक नीतियों, बजट और विकास योजनाओं का केंद्र माना जाता है, जबकि खुफिया विभाग कानून व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े मामलों में अहम भूमिका निभाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन विभागों को अपने पास रखकर शिवकुमार ने सरकार के संचालन पर मजबूत पकड़ बनाए रखने का संकेत दिया है।

प्रियांक खड़गे को मिली बड़ी जिम्मेदारी

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र प्रियांक खड़गे को गृह मंत्रालय सौंपा गया है। इसके अलावा उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेंस विभाग की भी जिम्मेदारी दी गई है। प्रियांक खड़गे लंबे समय से कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय हैं और कांग्रेस के युवा चेहरों में उनकी पहचान है। गृह मंत्रालय मिलने के बाद अब राज्य की कानून व्यवस्था को संभालने की बड़ी जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह नियुक्ति कांग्रेस नेतृत्व के भरोसे और प्रियांक खड़गे की बढ़ती राजनीतिक भूमिका का संकेत है।

जी परमेश्वर को मिला राजस्व विभाग

नई सरकार में उपमुख्यमंत्री डॉ. जी परमेश्वर को राजस्व विभाग सौंपा गया है। राजस्व विभाग भूमि, संपत्ति और प्रशासनिक प्रबंधन से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जी परमेश्वर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और लंबे समय से पार्टी संगठन तथा सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं।

सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र को भी मिली कैबिनेट में जगह

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। उन्हें शहरी विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। यतींद्र सिद्धारमैया की नियुक्ति को कांग्रेस नेतृत्व की नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। शहरी विकास विभाग राज्य के शहरों में बुनियादी ढांचे, आवास और नगर विकास योजनाओं के लिए जिम्मेदार होता है।

शपथ ग्रहण के बाद हुआ विभागों का बंटवारा

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 4 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। बेंगलुरु के लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें और अन्य मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। उनके साथ जी परमेश्वर समेत 13 अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।

किन नेताओं को मिला मंत्रिमंडल में स्थान

नई सरकार में जिन नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली उनमें केएच मुनियप्पा, केजे जॉर्ज, एमबी पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरेगौड़ा, प्रियांक खड़गे, यूटी खादर, ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्धारमैया, बायराठी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल शामिल हैं। इनमें अधिकांश नेता पहले भी सिद्धारमैया सरकार में मंत्री रह चुके हैं। यूटी खादर इससे पहले कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जबकि यतींद्र सिद्धारमैया विधान परिषद के सदस्य हैं।

सत्ता परिवर्तन की पूरी कहानी

कर्नाटक की राजनीति में हाल ही में बड़ा बदलाव देखने को मिला। 28 मई को तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद कांग्रेस विधायक दल की बैठक में 30 मई को डीके शिवकुमार को नया नेता चुना गया। कई दिनों तक चली राजनीतिक चर्चाओं और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलों के बाद आखिरकार पार्टी ने डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया। इससे पहले शिवकुमार राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं और कांग्रेस संगठन में भी उनका प्रभाव काफी मजबूत माना जाता है।

नई सरकार के सामने क्या चुनौतियां

नई सरकार के सामने कानून व्यवस्था, निवेश, रोजगार, बुनियादी ढांचा विकास, शहरी विस्तार और किसानों से जुड़े मुद्दे प्रमुख चुनौती बने हुए हैं। गृह मंत्रालय, वित्त विभाग और राजस्व विभाग जैसे अहम मंत्रालयों का आवंटन यह संकेत देता है कि सरकार प्रशासनिक नियंत्रण और विकास योजनाओं पर विशेष ध्यान देने की तैयारी में है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि नई टीम जनता से किए गए वादों को किस तरह जमीन पर उतारती है और राज्य की राजनीतिक दिशा को किस ओर ले जाती है।