एंबुलेंस कर्मचारियों ने 9000 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली की मांग:सुल्तानपुर में 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने सीएम और स्वास्थ्य मंत्री को भेजा ज्ञापन
सुल्तानपुर में जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने बुधवार दोपहर तीन बजे प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को ज्ञापन भेजा। इसमें 2021 में सेवा से हटाए गए करीब 9,000 एंबुलेंस कर्मचारियों की बहाली समेत अन्य मांगें उठाई गईं। संघ ने चेतावनी दी कि 2 अक्टूबर तक मांगों पर निर्णय नहीं हुआ तो गांधी जयंती से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। 9000 कर्मचारियों की बहाली की मांग संघ की प्रमुख मांग है कि 2021 में हटाए गए सभी 9,000 एंबुलेंस कर्मचारियों को दोबारा सेवा में लिया जाए। कर्मचारियों ने कहा कि उनके पास करीब 12 वर्षों का अनुभव है और बढ़ती उम्र को देखते हुए रोजगार की सुरक्षा जरूरी है। संघ ने कर्मचारियों को UPCOS में शामिल कर नौकरी स्थायी करने की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि लंबे समय तक आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में काम करने वाले कर्मचारियों के अनुभव का उपयोग किया जाना चाहिए। 2012 से दे रहे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा कर्मचारियों ने बताया कि वे वर्ष 2012 से उत्तर प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस के माध्यम से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान भी उन्होंने जोखिम उठाकर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का काम किया। उस समय कर्मचारियों को ‘कोरोना योद्धा’ भी कहा गया था। संघ के मुताबिक, इसके बावजूद वर्ष 2021 में करीब 9,000 कर्मचारियों को अचानक नौकरी से हटा दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि नौकरी जाने के बाद उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। 2 अक्टूबर से आंदोलन की चेतावनी संघ ने कहा कि सरकार को 2 अक्टूबर तक उनकी मांगों पर निर्णय लेना चाहिए। मांगें पूरी नहीं होने पर गांधी जयंती से अनिश्चितकालीन धरना और प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। कर्मचारियों ने सरकार से बहाली और सेवा स्थायित्व समेत सभी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
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