गांधी जयंती पर युवाओं ने महात्मा गांधी को याद किया:कहा- गांधीजी आज होते तो शांति से बदलाव का रास्ता दिखाते

Oct 02, 2026 - 15:34
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गांधी जयंती पर युवाओं ने महात्मा गांधी को याद किया:कहा- गांधीजी आज होते तो शांति से बदलाव का रास्ता दिखाते
महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों ने बताया कि गांधीजी के सत्य, अहिंसा, सादगी, सेवा, स्वच्छता और सभी धर्मों को समान मानने जैसे विचार आज भी उनकी जिंदगी में जगह रखते हैं। छात्रों का कहना था कि अगर गांधीजी आज होते तो मौजूदा परिस्थितियों को देखकर युवाओं को किसी भी मुद्दे पर हिंसा के बजाय शांति से अपनी बात रखने का संदेश देते। उनका मानना है कि गांधीजी के विचारों को केवल नारों तक सीमित रखने के बजाय रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाने की जरूरत है। सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने की कोशिश एक छात्र ने बताया कि गांधीजी का विचार था कि व्यक्ति को सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलना चाहिए। वह भी अपनी जिंदगी में इन दोनों विचारों को अपनाने का प्रयास करते हैं। इसके साथ गांधीजी ने सादगी से रहने, सेवा करने और दूसरों का सम्मान करने की बात कही थी। युवाओं के अनुसार आज भी इन विचारों की जरूरत है। आंदोलन हो तो शांति से, हिंसा से नहीं छात्रों ने कहा कि अगर गांधीजी आज होते तो किसी भी सामाजिक या विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे पर आंदोलन का रास्ता अपनाते, लेकिन उसमें हिंसा नहीं होती। वे लोगों को समझाते कि अपनी बात मजबूती से रखी जाए, लेकिन किसी को चोट न पहुंचाई जाए और न ही अपशब्द कहे जाएं। गांधीजी का तरीका शांतिपूर्ण आंदोलन और लोगों तक अपना संदेश पहुंचाने का होता। सभी धर्मों को बराबर मानने का संदेश स्नेहलता राय ने कहा कि गांधीजी की वह बात उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित करती है, जिसमें उन्होंने सभी धर्मों को बराबर मानने की बात कही थी। उनके अनुसार किसी भी धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि अगर गांधीजी आज होते तो समाज में बढ़ रही धार्मिक कट्टरता के बीच लोगों को भाईचारे और समानता का संदेश देते। बदली लाइफस्टाइल पर सादगी की याद दिलाते स्नेहलता राय ने कहा कि आज लोगों की जीवनशैली काफी बदल गई है। गांधीजी सादगी और संयम की बात करते थे। ऐसे में अगर वह आज होते तो शायद युवाओं को अपनी जीवनशैली में सादगी और संयम अपनाने का संदेश देते। जानवरों की सेवा को भी गांधी विचार से जोड़ा सूरज करम ने कहा कि गांधीजी का विचार ‘अहिंसा परमो धर्म’ उन्हें सबसे अच्छा लगता है। वह आसपास रहने वाले जानवरों की सेवा करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि गांधीजी आज होते तो समाज में धर्म के नाम पर बढ़ती कट्टरता को देखकर लोगों को समझाते कि सभी लोग एक हैं और भाईचारे के साथ रहना चाहिए। युवाओं से कहा- सिर्फ नारे नहीं, सफाई भी अपनाएं आयुष गौतम ने कहा कि गांधीजी स्वच्छता को लेकर भी लोगों को जागरूक करते थे। आज के युवाओं को उनके विचारों को केवल नारों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। अगर गांधीजी के स्वच्छता के संदेश को मानते हैं तो उसे अपने आसपास की जिंदगी में भी उतारना होगा। उन्होंने कहा कि बदलाव तभी आएगा, जब विचारों को व्यवहार में अपनाया जाएगा। गांधीजी सामने होते तो पहले उनका संदेश सुनते युवाओं का कहना था कि अगर गांधीजी आज उनके सामने होते तो सबसे पहले वे उनका संदेश सुनते। उनका कहना है कि आज की पीढ़ी के सामने परिस्थितियां और जीवनशैली काफी बदल चुकी हैं, इसलिए गांधीजी वर्तमान समय को देखकर क्या कहते, यह सुनना जरूरी होता। इसके बाद उनके विचारों को अपनी जिंदगी में अपनाने की कोशिश की जा सकती है।

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