गार्ड-लॉबी को लोको पायलट लॉबी में मर्ज करने का विरोध:प्रयागराज में ट्रेन मैनेजरों का प्रदर्शन, बोले- भेदभाव होगा, फैसला वापस लो
प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर स्थित संयुक्त लोको पायलट और गार्ड लॉबी के सामने गुरुवार को ट्रेन मैनेजरों ने प्रदर्शन किया। रेलवे की ओर से गार्ड लॉबी को लोको पायलट लॉबी में मर्ज करने और ट्रेन मैनेजरों की बुकिंग ड्राइवर साइड से कराए जाने के फैसले का कर्मचारियों ने विरोध किया। प्रदर्शन कर रहे ट्रेन मैनेजरों का कहना है कि लोको पायलट लॉबी के अधीन होने पर उनके साथ भेदभाव होगा। उन्होंने मांग की कि गार्ड लॉबी को ऑपरेटिंग विभाग के अधीन ही रखा जाए। एनसीआरएमयू के असिस्टेंट सेक्रेटरी और मेल एक्सप्रेस ट्रेन मैनेजर सुभाष प्रजापति ने कहा कि ट्रेन मैनेजर ऑपरेटिंग विभाग के कर्मचारी हैं, जबकि लोको पायलट अलग विभाग के अंतर्गत आते हैं। अब सीनियर डीओएम की ओर से गार्ड लॉबी को लोको विभाग में मर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है। इससे ट्रेन मैनेजरों को दोयम दर्जे का व्यवहार झेलना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले से ही ट्रेन मैनेजरों के साथ भेदभाव होता रहा है। रनिंग रूम में सुविधाओं और स्पेयर के लिए मिलने वाली जीप के इस्तेमाल में भी उन्हें प्राथमिकता नहीं दी जाती। उन्होंने बताया कि अभी तक ट्रेन मैनेजरों की बुकिंग ऑपरेटिंग विभाग का स्टाफ करता है। सीएमएस में भी ऑपरेटिंग विभाग के कर्मचारी बैठते हैं और उसी विभाग के अधिकारी उनका प्रबंधन करते हैं। ऐसे में लॉबी को दूसरे विभाग के अधीन करना कर्मचारियों के हित में नहीं है। ट्रेन मैनेजर विनय कुमार माधव ने कहा कि ट्रेन मैनेजरों की बुकिंग ड्राइवर साइड में भेजने के फैसले का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने सुपरवाइजर के पद को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि ट्रेन मैनेजरों की भर्ती ग्रेजुएट स्तर पर होती है, जबकि लोको पक्ष के सुपरवाइजर की शैक्षिक योग्यता मैट्रिक और आईटीआई बताई जाती है। ऐसे में ट्रेन मैनेजरों का सुपरवाइजर ऑपरेटिंग विभाग का ही होना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो वे जीएम कार्यालय तक विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि गार्ड लॉबी को लोको पायलट लॉबी में मर्ज करने के बजाय ऑपरेटिंग विभाग के अधीन ही रखा जाए।
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