घाटमपुर में चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज:भाजपा-सपा में दावेदारों की दौड़भाग बढ़ी, अपना दल (एस) की सीट पर भी नजरें
घाटमपुर में विधानसभा चुनाव 2027 में अभी कई महीने बाकी हैं, लेकिन घाटमपुर सीट पर सियासी सरगर्मी अभी से तेज हो गई है। गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर तस्वीर साफ नहीं है, इसके बावजूद विभिन्न दलों के दावेदार चुनावी तैयारियों में जुटे हैं। गांवों में जनसंपर्क से लेकर सार्वजनिक और निजी कार्यक्रमों में भागीदारी तक, नेताओं की सक्रियता ऐसी है मानो चुनाव की घोषणा हो चुकी हो। खासकर भाजपा और सपा में दावेदारों की दौड़भाग चर्चा का विषय बनी हुई है। घाटमपुर में सपा में दावेदारों की लंबी फेहरिस्त दिखाई दे रही है। तीन बार ब्लॉक प्रमुख रहीं मीना संखवार, जिला पंचायत सदस्य सोमवती संखवार, अनिल सोनकर वारसी और शैलू सोनकर समेत कई नेता गांवों में जनसंपर्क कर रहे हैं। दावेदारों और उनके समर्थकों की ओर से टिकट मिलने के दावे भी किए जा रहे हैं, हालांकि अभी किसी के नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। सपा और कांग्रेस के संभावित गठबंधन के बीच सीट किसके खाते में जाएगी, यह भी स्पष्ट नहीं है। कांग्रेस की ओर से डॉ. कृपाशंकर समेत कुछ अन्य नेताओं की होर्डिंग्स भी नजर आने लगी हैं। भाजपा में जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण और जिलाध्यक्ष उपेंद्र पासवान प्रमुख दावेदारों के रूप में सक्रिय हैं। पार्टी कार्यक्रमों के अलावा दोनों नेता सार्वजनिक और निजी आयोजनों में भी पहुंच रहे हैं। उपेंद्र पासवान उपचुनाव में विधायक रह चुके हैं, जबकि स्वप्निल वरुण की मां कमलरानी वरुण घाटमपुर से विधायक और सांसद रहने के साथ कैबिनेट मंत्री भी रही थीं। वर्तमान में यह सीट अपना दल (एस) के पास है और सरोज कुरील यहां की विधायक हैं। हाल में अनुप्रिया पटेल की जनसभा में जुटी भीड़ को उनके समर्थक पार्टी के प्रति समर्थन के रूप में देख रहे हैं। सरोज कुरील की सक्रियता भी लगातार बनी हुई है। फिलहाल सीटों के बंटवारे से पहले ही दावेदारों की सक्रियता ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। हालांकि अंतिम तस्वीर गठबंधन और पार्टी नेतृत्व के फैसले के बाद ही साफ होगी।
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