गोमती बढ़ी, बीकेटी में डीएम ने नाव से जायजा लिया:30 से ज्यादा नावें राहत-बचाव में लगाईं, 4 राहत शिविर बनाए गए, प्रभावित परिवारों को भोजन और राहत किट देने की तैयारी

Oct 03, 2026 - 17:05
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गोमती बढ़ी, बीकेटी में डीएम ने नाव से जायजा लिया:30 से ज्यादा नावें राहत-बचाव में लगाईं, 4 राहत शिविर बनाए गए, प्रभावित परिवारों को भोजन और राहत किट देने की तैयारी
गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बीकेटी तहसील के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। शनिवार को जिलाधिकारी विशाख जी. और संयुक्त पुलिस आयुक्त बब्लू कुमार ने नाव से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की स्थिति देखी और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। लासा समेत कई गांवों में पहुंचा पानी... प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी गोमती का जलस्तर बढ़ने से बीकेटी के लासा, बहादुरपुर, सुल्तानपुर, अकड़िया मऊ समेत आसपास के क्षेत्रों में जलभराव हुआ है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए हैं। प्रभावित इलाकों में आवागमन और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए 30 से ज्यादा नावें संचालित की जा रही हैं। जरूरत के हिसाब से और नावें लगाने के निर्देश दिए गए हैं। चार राहत शिविरों में 24 घंटे कर्मचारी तैनात प्रभावित क्षेत्रों में 4 राहत शिविर और सहायता केंद्र बनाए गए हैं। यहां राजस्व, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग की टीमें लगातार मौजूद हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को 24 घंटे ड्यूटी पर रहकर प्रभावित लोगों की जरूरतों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने राहत शिविरों और आपदा राहत सामग्री के भंडारण केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आपूर्ति विभाग को प्रभावित और पात्र परिवारों को राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित परिवारों को पका भोजन, ड्राई राशन और राहत किट राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिन परिवारों की आजीविका बाढ़ के कारण प्रभावित हुई है, उन्हें राहत किट और ड्राई राशन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन के मुताबिक प्रभावित क्षेत्रों में ड्राई राशन किट का वितरण भी शुरू किया जा रहा है। पशुओं के लिए चारा और भूसे की व्यवस्था बाढ़ प्रभावित गांवों में पशुओं के लिए हरे चारे और भूसे की व्यवस्था की गई है। पशुपालन विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार मौजूद हैं और पशुओं के उपचार के साथ चारे की उपलब्धता पर भी नजर रख रही हैं। दवाओं के साथ क्लोरीन टैबलेट भी बांटी जा रही जलभराव के बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी टीमें सक्रिय कर दी हैं। प्रभावित परिवारों को जरूरी दवाओं की किट और क्लोरीन टैबलेट वितरित की जा रही हैं, ताकि पेयजल को सुरक्षित रखने और बीमारी से बचाव में मदद मिल सके। 24 घंटे अलर्ट पर प्रशासन और पुलिस डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की लापरवाही न हो। सभी विभागों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखेंगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त नाव, राहत सामग्री और अन्य संसाधन तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों के मुताबिक प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाने के लिए संसाधन तैयार रखे गए हैं।

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