गोंडा में 20 गांवों के 18000 लोग बाढ़ से घिरे:24 घंटे में घाघरा नदी का जलस्तर 20 सेंटीमीटर घटा, घरों में भरा पानी
गोंडा में घाघरा नदी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है एल्गिन ब्रिज पर आज बुधवार सुबह 8.30 बजे जलस्तर लाल निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। हालांकि विगत चौबीस घंटों के दौरान बीस सेमी की गिरावट आई है इसके बावजूद कर्नलगंज एवं तरबगंज तहसीलों के हालात बदतर बने हुए हैं। बाढ़ के उफनते पानी ने ब्योन्दा माझा, दत्तनगर, साखीपुर, बहादुरपुर, जबरनगर, परास पट्टी पुरवार, ऐली परसौली, नकहरा तथा घरुकन पुरवा समेत बीस मजरों को जलमग्न कर दिया है। लगभग अठारह हजार लोग चारों ओर से घिरे हुए हैं। रिहायशी मकानों में तीन से चार फीट जलभराव होने से भोजन पकाने तक का संकट खड़ा हो गया। विवश बाशिंदे तख्त-चारपाई जोड़कर मचान बनाकर दिन-रात गुजारने पर आमादा हैं। तीन विजुअल देखिए हजारों बीघा फसल डूबी हजारों बीघा तैयार फसलें पानी में डूबकर सड़ रही हैं, जिससे अन्नदाता दाने-दाने को मोहताज हो रहे हैं।नवाबगंज विकासखंड अंतर्गत चहलवा व साखीपुर इलाके में धारा का रुख आक्रामक हो चुका है। बीते एक दिन में नदी दस बीघे से ज्यादा उपजाऊ रकबा निगल गई। इस भयानक भू-कटान से किनारे बसे किसानों की धड़कनें तेज हैं। खेत-खलिहान डूब जाने से मवेशियों हेतु हरी घास का टोटा पड़ गया है। कृषक सूखा भूसा खिलाने पर लाचार हैं,जिसके मद्देनजर प्रशासनिक अमला वितरण व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटा है। आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध होने से क्षेत्रीय उत्पादकों का दुग्ध व्यवसाय ठप पड़ा है। नवाबगंज से अयोध्या मंडी जाने वाली दैनिक हजारों लीटर दूध व क्विंटल खोया आपूर्ति ठप हो जाने से भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में स्थित आधा दर्जन परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन पिछले पांच दिवस से ठप है। चारों तरफ जलभराव होने से नन्हे-मुन्ने नौनिहाल घरों में कैद हैं। संपर्क मार्ग टूटने के कारण राहत दल नावों द्वारा दवा और जरूरी सामान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी तरफ तरबगंज तहसील क्षेत्र के नवाबगंज के रहने वाले सैकड़ो किसान जो रोज हजारों लीटर दूध और कई कुंटल खोया अयोध्या लेकर के अन्य मार्केट में लेकर के जाकर बिक्री करते हैं वह भी लेकर के नहीं जा पा रहे हैं। गोंडा अपर जिलाधिकारी प्रमोद झा ने बताया कि जितने भी हमारे बाढ़ प्रभावित गांव हैं सभी जगह पर लंच पैकेट का वितरण कराया जा रहा है राजस्व कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है। बाढ़ राहत सामग्री का भी वितरण किया जा रहा है किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी नदी अब धीरे-धीरे घट रही है।
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