गोंडा में देवीपाटन मंडल में ‘मिशन दक्ष’ शुरू:बच्चों की पढ़ाई पर रहेगा फोकस, 4 जिलों के एक-एक ब्लॉक में तीन महीने चलेगा अभियान
गोंडा में देवीपाटन मंडल के चारों जिलों में बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत करने के लिए शुक्रवार शाम 5:30 बजे ‘मिशन दक्ष देवीपाटन–हर बच्चा, हर दक्षता’ की शुरुआत की गई। आयुक्त कार्यालय में मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में अभियान की रूपरेखा तय की गई। इसके तहत कक्षा 1 और 2 के बच्चों की सीखने संबंधी कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा बुनियादी दक्षताएं हासिल करने में पीछे न रहे। पहले चरण में चार ब्लॉक चुने गए मिशन के पहले चरण में मंडल के चारों जिलों से एक-एक ब्लॉक का चयन किया गया है। इनमें बलरामपुर जिले का बलरामपुर ग्रामीण, श्रावस्ती का इकौना, बहराइच का पयागपुर और गोंडा का पंडरी कृपाल शामिल हैं। इन ब्लॉकों में तीन महीने तक विशेष अभियान चलाकर बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार किया जाएगा। पहले चरण के अनुभवों और परिणामों के आधार पर अगले चरण में अन्य ब्लॉक भी चुने जाएंगे। हर बच्चे को 70 प्रतिशत दक्षता दिलाने का लक्ष्य मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि मिशन का उद्देश्य केवल कुछ बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार करना नहीं, बल्कि हर बच्चे की सीखने की जरूरत पहचानकर उसकी दक्षता बढ़ाना है। लक्ष्य है कि प्रत्येक बच्चा अपनी कक्षा के अनुरूप कम से कम 70 प्रतिशत अपेक्षित दक्षताएं हासिल करे। उन्होंने कहा, “हमें कुछ बच्चों पर नहीं, बल्कि हर बच्चे पर काम करना है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। तीन चरणों में होगा बच्चों की प्रगति का आकलन बच्चों की शैक्षिक प्रगति मापने के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्रशिक्षक बेसलाइन, मिडलाइन और एंडलाइन मूल्यांकन करेंगे। इससे बच्चों के मौजूदा स्तर, सीखने में हुए सुधार और अभियान के परिणामों का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर शिक्षण प्रक्रिया में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। स्कूलों की सुविधाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी जोर मंडलायुक्त ने चयनित ब्लॉकों के विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता के साथ मूलभूत सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए बेहतर शैक्षिक माहौल तैयार किया जाए और स्कूल स्तर की समस्याओं का समय से समाधान किया जाए। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। मंडल में कुपोषण, फ्लोरोसिस तथा विटामिन-डी और कैल्शियम की कमी जैसी समस्याओं को देखते हुए शिक्षकों से जागरूकता बढ़ाने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय करने को कहा गया। सर्दियों में सुबह स्कूल आने वाले बच्चों को उनकी उम्र और परिस्थितियों के अनुसार खेलकूद व शारीरिक गतिविधियों में शामिल करने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण में चयनित स्कूलों को मिलेगी प्राथमिकता मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि मुख्य विकास अधिकारियों की अध्यक्षता में ब्लॉक टास्क फोर्स (BTF) और जिला टास्क फोर्स (DTF) के सदस्य निरीक्षण के दौरान चयनित ब्लॉकों के स्कूलों पर विशेष ध्यान दें। निरीक्षण में बच्चों की दक्षता, पढ़ाई की गुणवत्ता, मूलभूत सुविधाओं और स्कूलों की समस्याओं की समीक्षा की जाएगी। चिह्नित कमियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। कार्यशाला में संबंधित जिलों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी, अकादमिक रिसोर्स पर्सन और शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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