गोरखपुर छात्र नेता उज्जवल की खुली हिस्ट्रीशीट:ABVP कार्यकर्ताओं पर लगा था हमले का आरोप; थाने में दर्ज हैं 10 मुकदेमें

Oct 16, 2026 - 18:55
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गोरखपुर छात्र नेता उज्जवल की खुली हिस्ट्रीशीट:ABVP कार्यकर्ताओं पर लगा था हमले का आरोप; थाने में दर्ज हैं 10 मुकदेमें
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) में छात्र राजनीति करने वाले उज्ज्वल सिंह उर्फ गोलू के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। एसएसपी के निर्देश पर कैंट पुलिस ने उसे दुराचारी घोषित करते हुए ‘ख’ प्रकार की हिस्ट्रीशीट खोली है। पुलिस ने कहा कि उज्ज्वल के खिलाफ साल 2019 से 2026 तक अलग-अलग मामलों में कुल 10 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें मारपीट, धमकी, बलवा, सरकारी काम में बाधा और महिला से संबंधित मामला भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, उज्ज्वल सिंह सिविल लाइंस के पीडब्ल्यूडी कॉलोनी गोरखपुर का रहने वाला है। उसका मूल निवास आजमगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र के कर्खिया गांव में है। कुछ दिन पहले विश्वविद्यालय में छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं की ओर से उज्ज्वल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद उज्ज्वल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया था। उसने घटना को लेकर अपना पक्ष रखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग की थी। उसका कहना था कि फुटेज की जांच से घटना की सच्चाई सामने आ जाएगी। 2019 से लगातार दर्ज हुए मुकदमे पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, उज्ज्वल सिंह के खिलाफ वर्ष 2019 में मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित मामला दर्ज हुआ था। वर्ष 2020 में भी बलवा, मारपीट और धमकी से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। वर्ष 2021 में मारपीट और धमकी से जुड़ा मामला सामने आया। वहीं, वर्ष 2022 में उसके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हुए। इनमें मारपीट, बलवा, सरकारी कर्मचारी से संबंधित अपराध और अन्य धाराएं शामिल थीं। वर्ष 2023 में भी दो मामले दर्ज हुए। इनमें एक मामला मारपीट और धमकी से संबंधित था, जबकि दूसरा महिला से संबंधित धारा में दर्ज किया गया था। इसके बाद वर्ष 2025 में सरकारी कार्य में बाधा और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज हुआ। वर्ष 2026 में भी उसके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए। पुलिस ने इन सभी मामलों को उसके आपराधिक इतिहास में शामिल किया है। विश्वविद्यालय में बवाल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रखा था पक्ष दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में 22 सितंबर को हुए बवाल के बाद उज्ज्वल सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उसने ABVP कार्यकर्ताओं पर मारपीट करने और अपने खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया था। उज्ज्वल ने कहा था कि विश्वविद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराई जाए, जिससे घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। उज्ज्वल ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की थी। अब पुलिस की ओर से उसके आपराधिक इतिहास के आधार पर हिस्ट्रीशीट खोलने की कार्रवाई की गई है। हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद गतिविधियों पर रहेगी नजर पुलिस ने उज्ज्वल सिंह को दुराचारी घोषित करते हुए ‘ख’ प्रकार की हिस्ट्रीशीट खोली है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस उसके आपराधिक इतिहास और गतिविधियों पर नियमानुसार निगरानी रख सकेगी। हिस्ट्रीशीट पुलिस की निगरानी व्यवस्था का हिस्सा होती है, जिसका उद्देश्य अपराध की पुनरावृत्ति रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

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