गोरखपुर में गांधी विचार-संगम:पूर्वांचल के 9 रत्नों को ‘विद्या वाचस्पति’, 31 विभूतियां गांधी सेवा सम्मान से सम्मानित
गोरखपुर में गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर धरा धाम इंटरनेशनल और नालंदा हिंदी विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में गांधी विचार-संगम एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम गरिमामय माहौल में सम्पन्न हुआ, जिसमें समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। समारोह में साहित्य, शिक्षा, पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पूर्वांचल के 9 रत्नों को ‘विद्या वाचस्पति’ मानद सम्मान से नवाजा गया। मुख्य अतिथि व. प्रो. (मेजर) दिग्विजय नाथ मौर्य और अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रपति पदक सम्मानित शिक्षाविद व वरिष्ठ पत्रकार गोरखलाल श्रीवास्तव को भी इस सम्मान से सम्मानित किया गया। इन प्रमुख लोगों को भी मिला सम्मान इसके अलावा डॉ. पीएन पाण्डेय, डॉ. एकता गोरखपुरी, डॉ. संजय कुमार, नवीन पाण्डेय, सुनीता सिंह सरोवर और डॉ. प्रशांत मिश्र को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान नालंदा हिंदी विद्यापीठ के प्रतिनिधि डॉ. नारायण यादव और धरा धाम इंटरनेशनल के प्रमुख संत डॉ. सौरभ द्वारा प्रदान किया गया। 31 विभूतियों को मिला गांधी सेवा सम्मान कार्यक्रम में समाजसेवा, पत्रकारिता, चिकित्सा सहित विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली 31 विभूतियों को ‘गांधी सेवा सम्मान’ से सम्मानित किया गया। इनमें नवल किशोर नथानी, डॉ. सतीश चंद शुक्ल, हसन जमाल ‘बबुआ भाई’, यश डी. वर्मा, बीरेंद्र मणि त्रिपाठी, डॉ. विनय श्रीवास्तव, जसपाल सिंह, डॉ. विनय जी महाराज, जगनैन सिंह, रमेश मणि त्रिपाठी, ई. मिन्नत गोरखपुरी और जय सिंह सहित कई प्रमुख नाम शामिल रहे। समारोह में गूंजा गांधीवादी विचारों का संदेश कार्यक्रम का संचालन ई. मिन्नत गोरखपुरी ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने सत्य, अहिंसा, सेवा और मानवता जैसे गांधीवादी मूल्यों को अपनाने और समाज में आगे बढ़ाने का आह्वान किया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी सफल बनाया।
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