गोरखपुर में रास उत्सव आयोजित:डांडिया गरबा संग झूमे विद्यार्थी, पारंपरिक गीतों पर बांधा समां

Oct 17, 2026 - 19:05
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गोरखपुर में रास उत्सव आयोजित:डांडिया गरबा संग झूमे विद्यार्थी, पारंपरिक गीतों पर बांधा समां
गोरखपुर में पारंपरिक संस्कृति, संगीत, नृत्य और उल्लास के अनूठे संगम के बीच यू.एस. एकेडमी एंड इंस्टीट्यूट, गोरखपुर में शनिवार को ‘रास उत्सव 2026 ए नाइट ऑफ गरबा’ का भव्य आयोजन हुआ। बरगदवा, सोनौली रोड स्थित संस्थान परिसर में आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में गरबा और डांडिया की रंगारंग प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों, मनमोहक संगीत और उत्सवी माहौल ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ यू.एस. एकेडमी के उप निदेशक यज्ञदत्त त्रिपाठी, प्रिंसिपल राजेश मिश्र, नवीन पाण्डेय तथा वाइस प्रिंसिपल संजीव श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन आर.जे. नवनीत ने किया। उनकी प्रभावशाली मंच संचालन शैली ने कार्यक्रम को गति और आकर्षण प्रदान किया। भक्ति से हुई शुरुआत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन कार्यक्रम का आगाज गणेश आरती और माता की आरती से हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने गणेश वंदना प्रस्तुत कर भक्तिमय वातावरण का सृजन किया। विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और आकर्षक नृत्य शैली से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘ओ शेरावाली’, ‘छोगाड़ा तारा’, ‘नगाड़े संग ढोल बाजे’ और ‘ढोली तारो’ जैसे लोकप्रिय गीतों पर आधारित प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिए। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में भारतीय लोकसंस्कृति की झलक के साथ आधुनिक मंचीय अभिव्यक्ति का भी सुंदर समन्वय देखने को मिला। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों और गरबा-डांडिया की लयबद्ध थाप ने पूरे परिसर को उत्सवमय बना दिया। फूड स्टॉल, कलाकृतियां और लकी ड्रॉ रहे आकर्षण सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ कार्यक्रम में मनोरंजन और रचनात्मकता का भी विशेष ध्यान रखा गया। फूड स्टॉल पर विभिन्न व्यंजनों, हस्तनिर्मित कलाकृतियों के स्टॉल पर रचनात्मक वस्तुओं तथा सेल्फी कॉर्नर पर यादगार पलों को संजोने का अवसर मिला। लकी ड्रॉ ने आयोजन के आकर्षण को बढ़ाया। ‘रास उत्सव 2026’ ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और सामूहिक सहभागिता से जुड़ने का अवसर प्रदान किया। संगीत, नृत्य और उत्साह से सजी शाम ने उल्लासपूर्ण वातावरण बनाकर सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया।

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