गोरखपुर में श्रीमद्भागवत कथा:श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का सजीव वर्णन प्रस्तुत, गौ सेवा व संरक्षण का संदेश
गोरखपुर में विवेकानंद सेवा मिशन के गौ सेवा प्रकल्प 'कामधेनु शक्तिपीठ' के तत्वावधान में साहबगंज स्थित किराना अतिथि भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा का शुभारंभ मां कामधेनु की आरती और पूजन के साथ हुआ, जिसके बाद गोवत्स स्वामी डॉ. विनय महाराज ने श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया। कथा व्यास ने भक्त प्रहलाद के चरित्र, महर्षि दधीचि के त्याग, भगवान श्रीराम व श्रीकृष्ण जन्मोत्सव तथा देवकी-वसुदेव विवाह का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने गौ सेवा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के अवतार में गौ सेवा का अवसर नहीं मिला था, इसलिए श्रीकृष्ण के रूप में अवतरित होकर उन्होंने गौ संरक्षण का संदेश दिया। स्वामी जी ने कहा कि जहां देशी गाय समाप्त होती हैं, वह क्षेत्र धीरे-धीरे हमसे दूर हो जाता है, इसलिए गौ रक्षा के लिए सभी को संकल्पित होना चाहिए। कामधेनु शक्तिपीठ की प्रदेश प्रवक्ता साध्वी स्नेहा शर्मा ने बताया कि शाम चार से सात बजे तक आयोजित कथा के समापन पर भगवान की भव्य आरती व प्रसाद वितरण हुआ। इस अवसर पर सुरेश सुद्रानिया, प्रभु दयाल कमलापुरी, प्रदीप अग्रवाल, परमानंद शर्मा, चंद्रशेखर आजाद पांडेय, अखिलेश्वर धर द्विवेदी और पूनम गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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