हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अब डबल बेंच जाएंगे शिक्षामित्र:स्पेशल TET में शामिल करने की याचिका खारिज होने से मायूस
उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों को गुरुवार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है, जब अदालत ने उनके खिलाफ फैसला सुनाया। इस फैसले के बाद शिक्षामित्र संघ ने अब डबल बेंच में जाने का ऐलान किया है। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा कि हम लोग पूरी तरह आश्वस्त थे कि मामला हमारे पक्ष में रिजर्व हुआ था, लेकिन हाईकोर्ट का यह फैसला खारिज होना बेहद दुखद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षामित्र हिम्मत नहीं हारेंगे और अपनी इस लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाएंगे। वसीम अहमद ने कहा कि हम न्यायालय की डबल बेंच में जाएंगे और इस आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आदेश से कहीं न कहीं शिक्षामित्रों का नुकसान हुआ है, जो पिछले 26 वर्षों से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षामित्र नेता ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मान्यता प्राप्त विद्यालयों के अध्यापकों, एडेड विद्यालयों के शिक्षकों और संविदा कर्मी, स्पेशल एजुकेटर तक को शामिल किया गया है तो शिक्षामित्रों को वंचित करना गलत है। इसी मुख्य दलील और निवेदन के साथ वे अदालत में गए थे, हालांकि एकल पीठ से राहत न मिलने के अब वे डबल बेंच का रुख कर रहे हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि उच्च न्यायालय की डबल बेंच से उन्हें न्याय मिलेगा और शिक्षामित्रों की सेवा की अनदेखी नहीं की जाएगी। प्रभावित शिक्षामित्रों के आंकड़े संगठन के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में कुल 1,43,000 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से करीब 70,000 से 75,000 शिक्षामित्र ऐसे हैं जो टीईटी (TET) पास हैं, जबकि इतने ही लगभग 70 से 73 हजार शिक्षामित्र अभी टीईटी पास नहीं हो पाए हैं। सितम्बर में दायर की थी याचिका सितंबर महीने में वसीम अहमद समेत 220 शिक्षामित्रों की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें मांग की गई थी कि उन्हें भी स्पेशल TET परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाए। मामले की लंबी सुनवाई के बाद 24 सितंबर को न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की पीठ ने बहस पूरी होने पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे गुरुवार को सुनाया गया।
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