हाथरस का छात्र 93 दिन से वृंदावन से लापता:परिजन धरने पर बैठे, पुलिस के 2 दिन में ढूंढने के आश्वासन पर घर लौटे
हाथरस के सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव खेड़ा बरामई निवासी 16 वर्षीय 12वीं कक्षा का छात्र अनुज चौधरी पिछले करीब तीन महीने से लापता है। परिजनों के मुताबिक, अनुज ने वृंदावन स्थित केली कुंज में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। इसके बाद उसका झुकाव वृंदावन की ओर बढ़ गया। 3 जुलाई को वह घर से वृंदावन जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद परिजनों ने 5 जुलाई को पुलिस में अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई। परिजनों के अनुसार, अनुज की तलाश में मथुरा-वृंदावन के विभिन्न तीर्थस्थलों के अलावा हरिद्वार, प्रयागराज, उज्जैन समेत कई स्थानों पर खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। 93 दिन से बेटे के लापता होने के कारण परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। आश्रम के बाहर धरने पर बैठे परिजन शुक्रवार को अनुज के पिता राजवीर सिंह, मां, दादी, चार बहनें, चाचा और गांव के अन्य लोग वृंदावन पहुंचे। सुबह करीब 11 बजे से परिजन केली कुंज आश्रम के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि वे अपने बेटे की सुरक्षित वापसी चाहते हैं और जब तक अनुज के बारे में ठोस जानकारी नहीं मिलती, तब तक धरना जारी रखेंगे। परिजनों ने कहा कि अनुज नाबालिग है और घर से वृंदावन जाने की बात कहकर निकला था। इतने लंबे समय से उसका परिवार से संपर्क नहीं हुआ है। ऐसे में उसकी सुरक्षा को लेकर परिवार बेहद चिंतित है। दो दिन में तलाश का आश्वासन मिलने पर लौटे गांव अनुज के पिता राजवीर सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी आपबीती को पुलिस द्वारा गंभीरता से नहीं सुना जा रहा था। हालांकि, वृंदावन पुलिस ने शुक्रवार को उनकी बात सुनी और दो दिन में अनुज को तलाश करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन धरना समाप्त कर गांव लौट आए। परिजनों का कहना है कि यदि दो दिन में अनुज का पता नहीं चलता है तो वे दोबारा वृंदावन पहुंचकर धरना देंगे। उनका कहना है कि उन्हें किसी तरह का विवाद नहीं चाहिए, वे केवल अपने बेटे को सुरक्षित घर वापस चाहते हैं। अनुज अपने पिता की इकलौता पुत्र है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)