इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का गेट घेरने में 9 छात्रों पर FIR:कुलसचिव की गाड़ी रोकी थी, सीनेट परिसर के गेट नंबर-1 पर किया था प्रदर्शन
प्रयागराज में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार को रोककर आवागमन और विश्वविद्यालय के कामकाज में बाधा डालने के मामले में कर्नलगंज थाने में FIR दर्ज की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से दी गई तहरीर में 9 छात्रों के नाम हैं। आरोप है कि 29 सितंबर की शाम करीब 5:20 बजे कुछ छात्रों और बाहरी लोगों ने सीनेट परिसर स्थित गेट नंबर-1 को अवरुद्ध कर दिया। इससे विश्वविद्यालय में आने-जाने वाले शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और शोधार्थी प्रभावित हुए।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान मुख्य गेट को इस तरह रोका गया कि सामान्य आवागमन और विश्वविद्यालय की गतिविधियां बाधित रहीं। इसी दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव की गाड़ी को भी रोक दिया गया। उन्हें वाहन से उतरने के लिए मजबूर किया गया और उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। इन लोगों को किया गया नामजद
विश्वविद्यालय की ओर से दी गई तहरीर में गौरव कुमार, आशुतोष मौर्य, अनुराग यादव, प्रियांशु भुरतिया, आयुष यादव, अमित यादव, रोशन कुमार, राकेश कुमार और ऋषिकेश के नाम शामिल हैं। इनमें कई विश्वविद्यालय के अलग-अलग पाठ्यक्रमों के छात्र बताए गए हैं।
आयुष यादव बीए द्वितीय वर्ष, अमित यादव और रोशन कुमार बीए तृतीय वर्ष, राकेश कुमार बीए द्वितीय वर्ष तथा ऋषिकेश एमएससी द्वितीय वर्ष गणित के छात्र हैं।
घटना में कई अज्ञात भी शामिल
विश्वविद्यालय प्रशासन ने तहरीर में कहा है कि नामित लोगों के अलावा घटना में अन्य व्यक्ति भी शामिल रहे हैं। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनकी पहचान किए जाने और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है। विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया है कि प्रशासन छात्रों की मांगों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से रखने तथा समस्याओं के समाधान के लिए संवाद और वार्ता को तैयार है। इसके लिए परिसर में धरना-प्रदर्शन और मांग रखने के लिए निर्धारित स्थान भी उपलब्ध है। इसके बावजूद मुख्य प्रवेश द्वार को अवरुद्ध करना विश्वविद्यालय की सामान्य व्यवस्था और शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करने वाला है। प्रभारी प्रॉक्टर ने दी तहरीर
प्रभारी कुलानुशासक प्रो. पवन कुमार शर्मा की ओर से यह तहरीर दी गई। कर्नलगंज थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर मिश्रा ने बताया कि घटना के दौरान मौजूद लोगों, वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नामजद लोगों की भूमिका और अन्य शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)