जालौन में छात्रों को पॉक्सो-एक्ट और बाल सुरक्षा की जानकारी:गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध और कानूनी अधिकारों पर किया जागरूक
अहिंसा दिवस के अवसर पर चलाए जा रहे विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता अभियान के तहत बुधवार को उरई स्थित विनायक एकेडमी इंटर कॉलेज में विधिक जागरूकता शिविर लगाया गया। सुबह 10 बजे से 11:30 बजे तक चले शिविर में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट-2012, बाल सुरक्षा, साइबर अपराध और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश और जिला न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चल रहे विशेष अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता सिविल जज (14वां वित्त आयोग) जूनियर डिवीजन सुश्री शैलजा ने की। 18 साल से कम बच्चों की सुरक्षा के लिए पॉक्सो कानून छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए सिविल जज सुश्री शैलजा ने पॉक्सो एक्ट-2012 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन अपराध, यौन शोषण, उत्पीड़न और पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों से सुरक्षा देने के उद्देश्य से यह कानून बनाया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के लैंगिक अपराधों और उनके लिए निर्धारित कानूनी प्रावधानों के बारे में भी समझाया। बच्चों को व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए गुड टच और बैड टच के बीच अंतर भी बताया गया। निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए 15100 पर संपर्क जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन की सचिव श्रीमती मनाली चन्द्रा ने बताया कि जरूरतमंद व्यक्ति किसी भी कार्य दिवस में जनपद न्यायालय परिसर, जालौन स्थान उरई स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी ले सकता है। इसके अलावा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर भी कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार असहज या संदिग्ध लगे तो बिना डर या झिझक के माता-पिता, शिक्षक या संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए। 1098 और 112 नंबर की दी जानकारी विद्यालय के प्रधानाचार्य विवेक शुक्ला ने बच्चों को आपात स्थिति में 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और 112 आपातकालीन नंबर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर निजी जानकारी और तस्वीरें साझा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। साथ ही साइबर अपराध से बचाव के जरूरी उपाय भी बताए। लोक अदालत और सुलह-समझौते के लाभ बताए पीएलवी महेश सिंह परिहार ने विद्यार्थियों को लोक अदालत और सुलह-समझौता केंद्र के लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संबंधित मामलों में सुलह-समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान कराया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधक राजकुमार गुप्ता ने अतिथियों का आभार जताया। इस दौरान डीईओ दीपक नारायण, न्यायालय रीडर शैफाली तिवारी, पीएलवी महेंद्र कुमार मिश्रा, योगेंद्र सिंह तखेले, धर्मेंद्र कुमार, रामदेव चतुर्वेदी सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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