पाकिस्तान को यूएन में भारत का करारा जवाब

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला। भारत ने अफगानिस्तान में पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई को आम नागरिकों के खिलाफ नरसंहार बताते हुए अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया। साथ ही अफगानिस्तान के लिए भारत की मानवीय और विकास सहायता को भी रेखांकित किया।

पाकिस्तान को यूएन में भारत का करारा जवाब

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 10 जून 2026

पाकिस्तान को यूएन में भारत का करारा जवाब

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान की स्थिति पर आयोजित चर्चा के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए उसके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई को आम नागरिकों के खिलाफ नरसंहार करार दिया और कहा कि इसे आतंकवाद विरोधी अभियान का नाम देकर सही नहीं ठहराया जा सकता।

आम नागरिकों की मौत पर उठाए सवाल

भारत ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर अफगानिस्तान में आम नागरिकों को निशाना बना रहा है। पी हरीश ने कहा कि किसी भी सैन्य अभियान में निर्दोष लोगों की हत्या अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन है और इसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों का हवाला

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2026 के शुरुआती तीन महीनों में अफगानिस्तान में 372 नागरिकों की मौत हुई है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी जो रमजान के दौरान हिंसा का शिकार बने। भारत ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की।

व्यापार मार्गों में बाधा का आरोप

भारत ने पाकिस्तान पर अफगानिस्तान के व्यापार मार्गों में अवरोध पैदा करने का भी आरोप लगाया। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि अफगानिस्तान एक भू-आवेष्ठित देश है और उसके सामान पर प्रतिबंध लगाना अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर की भावना के खिलाफ है।

अफगानिस्तान के लिए भारत की मदद

पी हरीश ने कहा कि भारत लगातार अफगानिस्तान की जनता के साथ खड़ा रहा है। वर्ष 2021 के बाद से भारत ने 50 हजार टन गेहूं, 420 टन दवाइयां और वैक्सीन तथा 40 हजार लीटर कीटनाशक अफगानिस्तान भेजे हैं। इसके अलावा हाल ही में बाढ़ राहत सामग्री और स्वास्थ्य सहायता भी काबुल पहुंचाई गई।

विकास परियोजनाओं में भारत की बड़ी भूमिका

भारत ने अफगानिस्तान के सभी 34 प्रांतों में विकास कार्यों में सहयोग दिया है। देशभर में 500 से अधिक विकास परियोजनाएं संचालित की गई हैं। पक्तिका, पक्तिया और खोस्त क्षेत्रों में मातृत्व स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण भी भारत के सहयोग से हुआ है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सहयोग

भारत ने काबुल स्थित इंदिरा गांधी बाल स्वास्थ्य संस्थान के उन्नयन के साथ ट्रॉमा सेंटर, कैंसर उपचार केंद्र और 30 बिस्तरों वाले अस्पताल के निर्माण में भी सहायता प्रदान की है। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग भारत की प्राथमिकताओं में शामिल है।

अफगान जनता के साथ खड़ा है भारत

भारत ने स्पष्ट किया कि वह अफगानिस्तान की जनता के बेहतर भविष्य और स्थिरता का समर्थक है। पी हरीश ने कहा कि भारत अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम की मेजबानी भी कर रहा है और दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि अफगान जनता शांति, विकास और सम्मानजनक जीवन की हकदार है और भारत इस दिशा में अपना सहयोग जारी रखेगा।