युद्धविराम के बीच नेतन्याहू का बड़ा आदेश, लेबनान में और आगे बढ़ेगा इजरायल

युद्धविराम के बावजूद इजरायल ने लेबनान में अपने सैन्य अभियान को और तेज कर दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आदेश के बाद सेना जहरानी नदी की ओर बढ़ रही है और ऐतिहासिक बियोफोर्ट किले पर दोबारा कब्जा कर चुकी है। हिज्बुल्लाह के हमलों, बढ़ते विस्थापन और अंतरराष्ट्रीय चिंता के बीच पूरे क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

युद्धविराम के बीच नेतन्याहू का बड़ा आदेश, लेबनान में और आगे बढ़ेगा इजरायल

दि राइजिंग न्यूज़। तेल अवीव। 02 जून 2026

युद्धविराम के बावजूद इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को लेबनान में जमीनी अभियान का विस्तार करने का निर्देश दिया है। इसके बाद इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान में और आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।

सेना को मिला आगे बढ़ने का आदेश

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान जारी कर कहा कि सेना को लेबनान में अपनी जमीनी कार्रवाई और व्यापक करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों पर अब तक हिज्बुल्लाह का प्रभाव रहा है, वहां इजरायल अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहता है। इजरायली सेना पहले ही लितानी नदी तक के इलाके में अपनी मौजूदगी स्थापित कर चुकी है। अब सैनिक जहरानी नदी की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, जो मौजूदा नियंत्रण क्षेत्र से लगभग दस किलोमीटर उत्तर में स्थित है।

ऐतिहासिक किले पर दोबारा कब्जा

इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के लगभग नौ सौ वर्ष पुराने बियोफोर्ट किले और आसपास की रणनीतिक पहाड़ियों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि सेना इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगी। यह कब्जा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वर्ष 2000 में इजरायली सेना इस इलाके से पीछे हट गई थी और लगभग 26 वर्ष बाद उसने यहां दोबारा नियंत्रण स्थापित किया है।

हिज्बुल्लाह के हमलों के बाद बढ़ा तनाव

इजरायली सेना के अनुसार अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद शनिवार को हिज्बुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर भारी गोलाबारी की। इसके बाद कई विद्यालयों को बंद करना पड़ा और सुरक्षा संबंधी कई प्रतिबंध लागू किए गए। संघर्ष के दौरान हिज्बुल्लाह बड़ी संख्या में आत्मघाती मानवरहित विमान का उपयोग कर रहा है। इजरायल का कहना है कि इन मानवरहित विमानों को रोकना उसकी वायु सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

लाखों लोग हुए विस्थापित

दो मार्च से शुरू हुए संघर्ष के बाद लेबनान में मानवीय संकट लगातार गहरा रहा है। इजरायली हमलों और सैन्य निकासी आदेशों के कारण बारह लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। लेबनान सरकार के अनुसार अब तक 3,370 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं इजरायल का दावा है कि इस अवधि में उसके 24 सैनिक और चार नागरिक भी मारे गए हैं। दोनों पक्षों के बीच लगातार जारी हमलों ने सीमा क्षेत्र में रहने वाले हजारों लोगों का जीवन प्रभावित किया है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक

बढ़ती हिंसा और क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की पहल की है। इस बीच इजरायल की राजनीति में भी लेबनान के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने भी लेबनान में सख्त सैन्य कार्रवाई की वकालत की है। ऐसे में मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।