जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम में छात्राओं को जागरूक किया:पॉक्सो एक्ट पर जागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने दिए जवाब; डिजिटल सुरक्षा की भी जानकारी दी

Oct 02, 2026 - 15:17
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जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम में छात्राओं को जागरूक किया:पॉक्सो एक्ट पर जागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने दिए जवाब; डिजिटल सुरक्षा की भी जानकारी दी
लखनऊ के मोती नगर स्थिर बालिका विद्यालय इंटरमीडिएट कॉलेज में शुक्रवार कों पॉक्सो अधिनियम-2012 पर जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम की शुरुआत हुई। छात्राओं ने विशेषज्ञों से कहा कि अगर कोई हमें असहज महसूस कराए तो हमें क्या करना चाहिए। छात्राओं के सवालों के जवाब देते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता सबसे जरूरी कदम है और किसी भी अनुचित व्यवहार को चुपचाप सहन नहीं करना चाहिए। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर गांधी जयंती के अवसर पर चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान के तहत विद्यालय में ‘जागरूकता ही बचाव है’ विषय पर कार्यक्रम किया गया। मुख्य अतिथि स्पेशल जुडिशियल मजिस्ट्रेट, सीबीआई, लखनऊ आशु नैना मौर्य रहीं। डिजिटल पर उत्पीड़न के प्रति सावधान किया मुख्य अतिथि आशु नैना मौर्य ने छात्राओं से संवाद करते हुए अनुचित स्पर्श, लैंगिक संकेत, अशोभनीय व्यवहार, धमकी और डिजिटल माध्यम से होने वाले उत्पीड़न के प्रति सावधान किया। उन्होंने सोशल मीडिया इस्तेमाल करते समय अनजान लोगों से व्यक्तिगत जानकारी, फोटो, वीडियो और पासवर्ड साझा नहीं करने की सलाह दी। आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर उसे आगे प्रसारित न करने और किसी विश्वसनीय वयस्क या सक्षम प्राधिकारी को सूचना देने की बात कही । सहायता लेने के तरीकों की जानकारी होनी चाहिए प्रधानाचार्य डॉ. लीना मिश्र ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं है। स्कूल और समाज की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। छात्राओं को सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार के बीच अंतर, अपने अधिकारों और जरूरत पड़ने पर सहायता लेने के तरीकों की जानकारी होनी चाहिए। जागरूकता का उद्देश्य बच्चों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें सजग, आत्मविश्वासी और सुरक्षित बनाना है। अश्लील सामग्री के लिए बच्चों के उपयोग दंडनीय कार्यक्रम में बताया गया कि पॉक्सो अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को बच्चा माना गया है। बच्चों के खिलाफ लैंगिक अपराध, लैंगिक उत्पीड़न तथा अश्लील सामग्री के लिए बच्चों के उपयोग जैसे कृत्य दंडनीय हैं। संवाद के दौरान छात्राओं और शिक्षिकाओं ने बाल सुरक्षा, पॉक्सो कानून और ऑनलाइन व्यवहार से जुड़े सवाल पूछे, जिनके व्यावहारिक जवाब दिए गए। छात्राओं ने बाल सुरक्षा और पॉक्सो अधिनियम पर जागरूकता पोस्टर भी बनाए।

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