जानलेवा हमले से पहले ही जताया था जान का खतरा:परिवार का आरोप- आरोपी समझौते का दबाव बनाकर दे रहे धमकी, एसएसपी कार्यालय पहुंची नाजमीन
मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र में 17 सितंबर को अमीर हैदर जैदी को गोली मारने के मामले में अब पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि वारदात से पहले ही सात सितंबर को पुलिस अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर अमीर की जान को खतरा होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। आरोप है कि इसके बाद 17 सितंबर को जमाल, उवेश और प्रवेश टेप ने साजिश के तहत अमीर हैदर जैदी को गोली मार दी। वह तभी से अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। सोमवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचीं नाजमीन फातिमा ने पुलिस अधिकारियों से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई। उनका आरोप है कि गोलीकांड के बाद भी नामजद आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं किए गए हैं। इसी का फायदा उठाकर आरोपी पक्ष दोबारा परिवार पर दबाव बनाने और धमकाने लगा है। अंजाम भुगतने की धमकी का आरोप
नाजमीन फातिमा के मुताबिक, परवेज टेप और रूही उर्फ सना उनके परिवार पर मुकदमे में समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि समझौता नहीं करने पर परिवार को अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित परिवार का कहना है कि पहले जान से मारने की आशंका जताने के बावजूद यदि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो शायद गोलीकांड टाला जा सकता था। अस्पताल में जिंदगी-मौत से जूझ रहा अमीर
17 सितंबर को गोली लगने के बाद से अमीर हैदर जैदी अस्पताल में उपचाराधीन है। परिवार के मुताबिक उसकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। एक तरफ घायल अमीर का उपचार चल रहा है तो दूसरी ओर परिवार को कथित तौर पर समझौते के लिए दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे परिजन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पहले एलानिया वारदात, अब दोबारा धमकी
परिवार ने पुलिस अधिकारियों को दी शिकायत में सात सितंबर को ही जान के खतरे की जानकारी दिए जाने की बात कही है। इसके बाद 17 सितंबर को गोलीकांड हुआ। अब परिवार का आरोप है कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से उनके हौसले बढ़े हैं और वे दोबारा दबाव बना रहे हैं। नाजमीन ने पुलिस अधिकारियों से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कराने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
मामले में परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों ने पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए हैं। खास तौर पर सात सितंबर को दी गई शिकायत के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की, इसे लेकर परिजन जवाब चाहते हैं।
वहीं, गोलीकांड के बाद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और कथित धमकियों को लेकर भी परिवार ने अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। पुलिस की जांच और शिकायतों पर हुई कार्रवाई के तथ्य सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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