झांसी में चिन्मयानंद बापू के भजनों पर झूमे भक्त:संत समागम में दूसरे दिन संतों ने समझाया भगवान और भक्त का संबंध
झांसी के इलाहाबाद बैंक चौराहा स्थित रामेश्वरम बैंक्वेट में चल रहे तीन दिवसीय संत समागम के दूसरे दिन शुक्रवार को हरिद्वार से पहुंचे अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक चिन्मयानंद बापू ने भगवान और भक्त के बीच के संबंधों की व्याख्या की। उन्होंने संगीतमय कथा वाचन किया तो पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए। कथा के दौरान उन्होंने भक्ति, समर्पण और भगवान से भक्त के संबंध को समझाया। संत समागम का आयोजन बहुजन समाज पार्टी की पूर्व नेत्री और समाजसेवी डॉ. अनुराधा शर्मा की ओर से कराया जा रहा है। दूसरे दिन भी हरिद्वार से अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक चिन्मयानंद बापू, वरिष्ठ मंडलेश्वर जगतगुरु स्वामी यतींद्रानंद गिरी जूना अखाड़ा, अग्र मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र देवाचार्य, वृंदावन के गौरी लाल कुंज के महंत किशोरी दास देव जी महाराज, अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत गौरी शंकर दास महाराज, फ्लाइट बाबा, श्री कृष्णायन देसी गौ रक्षा शाला के अध्यक्ष महामंडलेश्वर ईश्वर दास महाराज, शुद्धानंद गिरी महाराज, ग्वाल संत स्वामी गोपालानंद सरस्वती और हनुमानगढ़ी अयोध्या के पुजारी गॉवट्स चंद्रमा दास महाराज मौजूद रहे। चिन्मयानंद बापू ने समझाया भगवान-भक्त का संबंध
कथा वाचन के दौरान चिन्मयानंद बापू ने भगवान और भक्त के बीच के संबंध को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि भगवान के प्रति समर्पण और विश्वास का भाव है। संगीतमय कथा के दौरान भजनों और कथा प्रसंगों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भी कथा में डूबे नजर आए। बोले- परिवार में दिख रहे संस्कार बड़ी बात चिन्मयानंद बापू ने पंडित रमेश शर्मा और उनके परिवार की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पंडित रमेश शर्मा और खासकर डॉ. अनुराधा शर्मा ने जिस तरह भक्तिमार्ग को चुना है, वह आज के समय में कम ही परिवारों में देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि डॉ. अनुराधा शर्मा की तरह उनके परिवार में भी वही संस्कार दिखाई देते हैं। यह बड़ी बात है। संतों ने फिर दोहराई गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग समागम के पहले दिन संतों ने गौ सेवा और संरक्षण का आह्वान करते हुए गौ माता को राष्ट्रीय स्तर पर माता घोषित करने की मांग उठाई थी। संतों ने कहा था कि सनातन धर्म में गाय का विशेष महत्व है और गौ संरक्षण के लिए समाज को आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा था कि जब सरकार राम मंदिर का निर्माण करा सकती है और कश्मीर से धारा 370 हटा सकती है तो गाय को माता घोषित करने के लिए भी आवाज उठाई जानी चाहिए। संतों ने लोगों से गौ सेवा करने और गौ संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया। 3 अक्टूबर तक चलेगा संत समागम गौ महिमा और गुरु तत्व महिमा पर आधारित संत समागम 1 से 3 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे संत कथा, प्रवचन और गौ सेवा से जुड़े विषयों पर श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे हैं। दूसरे दिन सिद्धेश्वर मंदिर के महंत धर्माचार्य पंडित हरिओम पाठक के साथ ही बुंदेलखंड के अलग-अलग जिलों से साधु-संत इस समागम में पहुंचे।
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