झांसी स्टेशन समेत कॉलोनी से लिए गए पानी के सैम्पल:279 नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए,1404 की मौके पर हुई टेस्टिंग
झांसी के रेलवे स्टेशनों और कॉलोनियों में यात्रियों और कर्मचारियों को शुद्ध पेयजल मिल रहा है या नहीं, इसकी जांच के लिए झांसी में अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत मंगलवार सुबह 9 बजे रेलवे के चिकित्सा विभाग की टीम ने अलग-अलग स्टेशनों, आवासीय कॉलोनियों और कार्यस्थलों पर पानी के स्रोतों की जांच की। वहीं, सोमवार को लिए गए 279 सैम्पल लैब के लिए भेजे गए हैं। अभियान में क्लोरीन के 1404 नमूनों की मौके पर जांच की गई, जबकि 279 नमूने जीवाणु परीक्षण के लिए लैब भेजे गए। इसके अलावा पानी में घुले रसायनों की जांच के लिए 14 नमूने एकत्र किए गए। चिकित्सा विभाग की टीम ने पानी की गुणवत्ता परखने के लिए तीन स्तरों पर जांच की। पहले चरण में पानी में अवशिष्ट क्लोरीन की मात्रा जांची गई। इसके लिए मंडल के विभिन्न स्थानों से 1404 नमूने लिए गए। इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना था कि पानी में कीटाणुओं को नष्ट करने के लिए पर्याप्त क्लोरीन मौजूद है या नहीं। दूसरे चरण में पानी में हानिकारक बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीवों की मौजूदगी का पता लगाने के लिए 279 नमूने एकत्र किए गए। इन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, तीसरे चरण में पानी में घुले रसायनों, टीडीएस और अन्य रासायनिक मानकों की जांच के लिए 14 नमूने लिए गए। रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम करना और यात्रियों व कर्मचारियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके लिए चिकित्सा विभाग पानी की गुणवत्ता पर नजर रख रहा है, ताकि दूषित पानी की आपूर्ति को रोका जा सके।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से स्टेशनों पर पेयजल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
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