जनकपुरी क्षेत्र में बनी सड़क लेकिन खुले रह गए नाले:टूटे पड़े हैं फुटपाथ, हाईवे किनारे भी नहीं ढके मैनहोल, 4 दिन बाद है महोत्सव
जनकपुरी महोत्सव शुरू होने में अब सिर्फ चार दिन बाकी हैं। महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, लेकिन आयोजन स्थल की ओर जाने वाले रास्तों पर खुले नाले और मैनहोल चिंता बढ़ा रहे हैं। नगर निगम ने सड़क तो बना दी, लेकिन सड़क किनारे नालों को कई जगह खुला छोड़ दिया गया है। कहीं मैनहोल के ढक्कन गायब हैं तो कहीं पुलिया टूटी हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सिकंदरा से गुरु का ताल और बाबरपुर रोड की ओर जाने वाले रास्ते पर 10 से ज्यादा जगहों पर नाले और मैनहोल खुले पड़े हैं। भीड़ के बीच इनसे हादसे का खतरा बना हुआ है। नगर निगम की ओर से जनकपुरी क्षेत्र में सड़क निर्माण का काम कराया गया है। कई जगह सड़क बनकर तैयार हो चुकी है, जबकि कुछ स्थानों पर अभी भी काम चल रहा है। लाखों रुपए की लागत से सड़क निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन सड़क के किनारे स्थित नालों को कई जगह खुला छोड़ दिया गया है। सड़क बनने के बाद भी नालों के मैनहोल पर स्लैब और ढक्कन नहीं लगाए गए हैं। इससे सड़क पर आने-जाने वाले लोगों के साथ महोत्सव में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। महोत्सव मुख्य मार्ग पर खुले नाले, दो तस्वीरें सिकंदरा के निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन के पास हाईवे किनारे भूमिगत नाले का मैनहोल खुला है। यहां नाले पर रखा स्लैब गायब है। इस रास्ते का इस्तेमाल पैदल लोग फुटपाथ की तरह करते हैं। नाला करीब 6 से 8 फीट गहरा बताया जा रहा है। मेट्रो स्टेशन के निर्माण के दौरान वाहनों की आवाजाही में बाधा के चलते यहां स्लैब हटाया गया था, लेकिन उसे दोबारा नहीं लगाया गया। इसी तरह सिनर्जी और रेनबो हॉस्पिटल के पास भी भूमिगत नाले के स्लैब हटे हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जलभराव की शिकायत के बाद नाले की सफाई के लिए कई जगह स्लैब हटाए गए थे। सफाई के बाद इन्हें दोबारा नहीं रखा गया। क्षेत्रीय लोगों ने इसकी शिकायत संबंधित विभाग से की है, लेकिन लंबे समय से स्थिति जस की तस बनी हुई है। महोत्सव में बढ़ेगी भीड़, पैदल श्रद्धालुओं को ज्यादा खतरा जनकपुरी महोत्सव के दौरान बाबरपुर रोड और आसपास के रास्तों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ेगी। सड़क किनारे खुले मैनहोल और नाले खासकर रात के समय दिखाई नहीं देने से खतरा बढ़ सकता है। भीड़ में धक्का-मुक्की या रास्ते से पैर फिसलने पर कोई व्यक्ति सीधे गहरे नाले में गिर सकता है। महोत्सव की तैयारियों के बीच जहां जनकपुरी को सजाया गया है और श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग व आवागमन की व्यवस्थाएं की जा रही हैं, वहीं खुले नालों को लेकर सुरक्षा इंतजाम अधूरे नजर आ रहे हैं। महोत्सव शुरू होने से पहले सभी खुले मैनहोल और नालों को ढकना तथा टूटी पुलियाओं की मरम्मत करना जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं के आवागमन के दौरान हादसे की स्थिति न बने।
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