कानपुर में महिला सिपाही ने फंदा लगाकर जान दी:पिता बोले-थाने पर कुछ हुआ, बहन से तनाव में होने की बात कही थी; मोबाइल रिसेट मिला
कानपुर में 22 साल की महिला सिपाही ने फंदे से लटककर जान दे दी। वह 2025 बैच की कांस्टेबल थी और मोहनलालगंज थाने की महिला हेल्प डेस्क पर तैनात थी। बुधवार को 7 दिन की छुट्टी लेकर घर लौटी रही थी। रास्ते में उसने छोटी बहन को फोन कर तनाव में होने की बात कही थी। पिता का आरोप है कि थाने में कुछ ऐसा हुआ था, जिसकी वजह से वह परेशान थी। परिजनों के मुताबिक, घर पहुंचने के करीब 30 मिनट बाद महिला सिपाही अपने कमरे में चली गई। कुछ देर बाद बहन वहां पहुंची तो उसकी हालत देखकर परिवार को सूचना दी। परिजन उसे लेकर हॉस्टिल पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। इस दौरान उसका मोबाइल फोन रिसेट मिला, जिसे तकनीकी जांच के लिए भेजा गया है। महिला सिपाही की पहचान प्रतीक्षा के रूप में हुई है। घटना रेउना क्षेत्र की है। अब विस्तार से पढ़िए पूरी खबर…. स्टेशन से घर लाते समय गुमसुम थी बेटी गिरसी गांव निवासी विजय सिंह ड्राइवर हैं। परिवार में पत्नी सुषमा, दो बेटियां और एक बेटा है। विजय सिंह ने बताया- प्रतीक्षा की करीब पांच महीने पहले पुलिस विभाग में नौकरी लगी थी। बुधवार सुबह करीब 6 बजे वह सात दिन की छुट्टी लेकर घर के लिए निकली थी। दोपहर करीब डेढ़ बजे उसने छोटी बेटी दीपा को फोन किया। बातचीत में उसने बताया कि वह तनाव में है और स्टेशन पहुंच गई है। जानकारी मिलने पर मैं उसे लेने गजनेर स्टेशन पहुंचा। वहां वह काफी गुमसुम थी। मैंने कई बार उससे उदास होने की वजह पूछी, लेकिन उसने तबीयत खराब होने की बात कहकर कुछ नहीं बताया। बहन से बोली- थोड़ी देर बाद बताऊंगी विजय सिंह ने बताया- घर पहुंचने के बाद दीपा ने प्रतीक्षा से उसकी परेशानी की वजह पूछी। इस पर उसने कहा कि वह थोड़ी देर बाद सब बताएगी। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई। कुछ देर बाद दीपा कमरे में पहुंची तो उसकी हालत देखकर चीख पड़ी। आवाज सुनकर परिवार के लोग वहां पहुंचे। इसके बाद उसे लेकर हॉस्पिटल पहुंचे, लेकिन तब तक प्रतीक्षा की मौत हो चुकी थी। पिता बोले- बेटी का सपना था पुलिस की वर्दी पहनना विजय सिंह ने बताया- प्रतीक्षा का सपना पुलिस की वर्दी पहनना था। नौकरी लगने पर पूरा परिवार बहुत खुश था। मेरी दोनों छोटी बेटियां भी पुलिस में जाने की तैयारी कर रही हैं। एक बेटी का चयन चार नंबर से और दूसरी का एक नंबर से रह गया था। दोनों फिर से तैयारी कर रही हैं। पिता ने थाने में परेशानी की आशंका जताई विजय सिंह ने कहा- प्रतीक्षा नौकरी को लेकर खुश थी। अचानक वह तनाव में क्यों आई, इसकी जांच होनी चाहिए। अब मैं अपनी दोनों छोटी बेटियों को पुलिस विभाग में नहीं भेजूंगा। मोबाइल की तकनीकी जांच कर रही पुलिस पुलिस को घटनास्थल की जांच के दौरान प्रतीक्षा का मोबाइल फोन रिसेट मिला। फोन कब्जे में लेकर तकनीकी जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फोन कब और किन परिस्थितियों में रिसेट हुआ। पुलिस बोली- सभी पहलुओं की जांच जारी एसीपी घाटमपुर रमाकांत यादव ने बताया- घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। मोबाइल की तकनीकी जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। --------- ये भी पढ़ें- प्रेमानंद महाराज ने फिलहाल दर्शन-दीक्षा बंद की: वृंदावन में साधकों के लिए ड्रेस कोड भी खत्म; शिष्य के सुसाइड के बाद फैसले मथुरा में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम केली कुंज में दर्शन और दीक्षा पर रोक लगा दी गई है। यह निर्णय कब तक प्रभावी रहेगा, फिलहाल इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। आश्रम में रहने वाले साधक-साधिकाओं के लिए लागू ड्रेस कोड भी खत्म कर दिया गया है। पढ़िए पूरी खबर…
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