कानपुर में सर सैयद डे पर जुटे शिक्षाविद:अलीग बोले- अच्छी शिक्षा से देश की तरक्की होगी, 17 अक्टूबर का दिन ईद जैसा

Oct 17, 2026 - 23:10
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कानपुर में सर सैयद डे पर जुटे शिक्षाविद:अलीग बोले- अच्छी शिक्षा से देश की तरक्की होगी, 17 अक्टूबर का दिन ईद जैसा
कानपुर में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के संस्थापक सर सैयद अहमद खां की 209वीं जयंती पर शनिवार को सिविल लाइंस स्थित मर्चेंट्स चैंबर हॉल में सर सैयद डे मनाया गया। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन (AMOUBA), कानपुर की ओर से शनिवार शाम 8 बजे कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक उत्थान और राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया गया। समारोह में AMU के पूर्व कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल जमीर उद्दीन शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार देने के साथ शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में योगदान देने वालों को सम्मानित किया गया। अलीगढ़ से पढ़े लोगों के लिए 17 अक्टूबर ईद जैसा दिन राशिद अलीग ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़े विद्यार्थियों के लिए 17 अक्टूबर किसी त्योहार से कम नहीं है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले अलीगढ़ी इस दिन को ईद की तरह मनाते हैं। इसमें धर्म का कोई भेद नहीं है। AMU से पढ़ा हुआ हर व्यक्ति इस दिन को सर सैयद अहमद खां की जयंती के रूप में मनाता है। उन्होंने कहा कि सर सैयद अहमद खां ने शिक्षा को समाज और देश की तरक्की का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम माना था। उनका मानना था कि किसी भी देश की प्रगति के लिए शिक्षा व्यवस्था का मजबूत होना जरूरी है। यदि शिक्षा बेहतर नहीं होगी, तो देश भी अपेक्षित तरक्की नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा कि सर सैयद डे के आयोजन का उद्देश्य उनके शिक्षा मिशन को आगे बढ़ाना, समाज में सद्भावना बढ़ाना और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है। इसी उद्देश्य से शिक्षा, चिकित्सा और मानव सेवा के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को समारोह में आमंत्रित कर सम्मानित किया जाता है। शिक्षा से ही देश की तरक्की संभव मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल जमीर उद्दीन शाह ने कहा कि देश की उन्नति के लिए सामाजिक एकता, न्याय और आपसी भाईचारा जरूरी है। सभी वर्गों को साथ लेकर शिक्षा के प्रसार के लिए काम करना होगा। खासकर मुस्लिम, पिछड़े और वंचित वर्गों के बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। यही सर सैयद अहमद खां का सपना था, जिसे सामूहिक प्रयासों से पूरा किया जा सकता है। शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, बीदर के राष्ट्रीय निदेशक डॉ. मुनीर अहमद ने कहा कि राष्ट्र को प्रगति के रास्ते पर ले जाने के लिए समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होगा। सर सैयद के विचारों से प्रेरणा लेकर शिक्षा के प्रसार के लिए लगातार प्रयास करने की जरूरत है। भोपाल से आए वरिष्ठ लेखक एवं वक्ता डॉ. महताब आलम ने मुस्लिम समाज की शैक्षिक और सामाजिक स्थिति पर अपने विचार रखे। उन्होंने समाज की प्रगति के लिए शिक्षा और जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया। समाजसेवियों को सर सैयद मेमोरियल अवॉर्ड समारोह में शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए डॉ. सुहेब अहसन, डॉ. मोहम्मद जमील, डॉ. अनिल जैन, इंजीनियर फुजेल उर रहमान, डॉ. महमूदुल्ला रजी और डॉ. आशिक हुसैन को सर सैयद मेमोरियल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। एसोसिएशन के दिवंगत वरिष्ठ सदस्यों चौधरी जियाउल इस्लाम, सलाहुद्दीन अहमद और जमीर मोहसिन को मरणोपरांत लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया। मेधावी विद्यार्थियों को मिले पुरस्कार कार्यक्रम में डॉ. नदीम फारूकी की ओर से उनके पिता प्रोफेसर मोहम्मद नसीम फारूकी की स्मृति में 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों को प्रो. एमएन फारूकी मेमोरियल अवॉर्ड प्रदान किए गए। इनमें कुछ विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार दिए गए, जबकि मेधावी बच्चों को आगे भी प्रोत्साहित करने की पहल की गई। इस अवसर पर AMOUBA, कानपुर की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कुरान करीम की तिलावत से हुई। इसके बाद दिवंगत अलीगढ़ी साथियों की मगफिरत के लिए दुआ की गई। समारोह की अध्यक्षता कन्वेनर चौधरी एहतिशामुल इस्लाम ने की। संचालन मोहम्मद राशिद अलीग और दिल्ली से आए वक्ता अली आदिल खान ने किया। कार्यक्रम में शहर के कई शिक्षाविद, बुद्धिजीवी, चिकित्सक मौजूद रहे।

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