कानपुर से योगी का यूपी के लिए संदेश:वाल्मीकि जयंती पर बाबा साहब आंबेडकर, संत रविदास और काशीराम को याद किया, दलित वोटरों पर फोकस

Oct 27, 2026 - 06:55
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कानपुर से योगी का यूपी के लिए संदेश:वाल्मीकि जयंती पर बाबा साहब आंबेडकर, संत रविदास और काशीराम को याद किया, दलित वोटरों पर फोकस
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर से यूपी के दलित समाज को साधने की कोशिश की। सोमवार को बिठूर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम में पूजन के बाद उन्होंने नानाराव पेशवा स्मारक स्थल पर जनसभा को संबोधित किया। करीब 44 मिनट के भाषण में सीएम ने विकास कार्यों का जिक्र किया और समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर महापुरुषों के अपमान का आरोप लगाया। योगी ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि का नाम लेकर कहा कि पिछली सरकारों ने महापुरुषों के नाम पर बनी इमारतों के नाम बदलने का काम किया, जबकि भाजपा सरकार ने उन्हें फिर से सम्मान देने का काम किया है। उन्होंने लोगों को विपक्ष से सावधान रहने का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री ने महापुरुषों से जुड़े स्थलों की सुरक्षा और उनके विकास को लेकर भी अहम घोषणाएं कीं। राजनीतिक नजरिए से देखें तो योगी का यह संबोधन दलित समाज के बीच भाजपा की पकड़ मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। 1. 'पिछली सरकार ने नाम बदले, हमने महापुरुषों को सम्मान दिया' मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महापुरुषों का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने महापुरुषों के नाम पर बनी इमारतों की पहचान बदलने का काम किया। योगी ने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इन महापुरुषों को फिर से सम्मान देने का काम किया है। उन्होंने बाबा साहब आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि का जिक्र करते हुए कहा कि इन महापुरुषों ने समाज को दिशा देने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुषों के विचारों और उनके योगदान को याद रखना जरूरी है। उनके नाम और उनसे जुड़े स्थलों को सम्मान देना भी इसी का हिस्सा है। 2. अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि के नाम पर मंदिर, एयरपोर्ट का भी जिक्र सीएम योगी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने भगवान राम से समाज का संबंध जोड़ने का काम किया। भाजपा सरकार ने भी अयोध्या में भगवान राम और महर्षि वाल्मीकि के संबंध को सम्मान देने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि के नाम पर मंदिर बनवाया गया है। साथ ही अयोध्या के एयरपोर्ट का नाम भी महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। योगी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का योगदान केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। 3. संत रविदास और बाबा साहब आंबेडकर के नाम पर भी दिया संदेश मुख्यमंत्री ने संत रविदास और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने उनके सम्मान को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा, 'मन चंगा तो कठौती में गंगा।' संत रविदास के इस संदेश का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा दिखाती हैं। मुख्यमंत्री ने भदोही का नाम संत रविदास नगर किए जाने और कन्नौज के मेडिकल कॉलेज का नाम फिर से बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के नाम पर किए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के नाम और उनके योगदान को सम्मान देना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। 4. महापुरुषों से जुड़े स्थलों की होगी सुरक्षा, प्रतिमाओं पर छत्र लगाने की व्यवस्था सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में बाबा साहब आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि से जुड़े स्थलों को विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने ऐसे स्थलों की बाउंड्रीवाल कराने, प्रतिमाओं पर छत्र और छत की व्यवस्था करने के साथ ही उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, महापुरुषों से जुड़े स्थलों को सुरक्षित रखना और उनका विकास करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस घोषणा के जरिए मुख्यमंत्री ने दलित समाज से जुड़े महापुरुषों के सम्मान और उनके स्मारकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। 5. महिला PAC बटालियन और महाराजा बिजली पासी स्मारक का भी जिक्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में महिला पीएसी बटालियनों और महाराजा बिजली पासी स्मारक का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार महापुरुषों के सम्मान और समाज के विभिन्न वर्गों के विकास के लिए काम कर रही है। योगी ने अपने भाषण में धार्मिक स्थलों के विकास का जिक्र करते हुए काशी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज, नैमिषारण्य और बिठूर के विकास की बात भी कही। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के बाद भी शहर को त्रेतायुग की अवधारणा के अनुरूप विकसित करने का प्रयास जारी रहेगा। 6. दलित वोट बैंक पर नजर, यूपी की राजनीति में अहम हैं ये समीकरण उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्य में अनुसूचित जाति के लिए विधानसभा की 84 सीटें आरक्षित हैं। इसके अलावा कई सामान्य सीटों पर भी दलित मतदाताओं का प्रभाव चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में भाजपा, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी समेत सभी प्रमुख राजनीतिक दल दलित समाज के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बाबा साहब आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि का नाम लेकर महापुरुषों के सम्मान, स्मारकों की सुरक्षा और विकास कार्यों को प्रमुखता दी।

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