सुल्तानपुर में विसर्जन शोभायात्रा की धूम:डीजे की धुन पर थिरके श्रद्धालु, अबीर-गुलाल उड़ाकर भक्तों ने मनाया उत्सव
सुल्तानपुर में सोमवार देर रात मां दुर्गा की प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा की धूम देखने को मिली। चौक समेत कई प्रमुख बाजारों में श्रद्धालु डीजे की धुन पर नाचते-गाते नजर आए। जगह-जगह अबीर-गुलाल उड़ाया गया और प्रसाद वितरण किया गया। फूल-मालाओं से सजी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं विराजमान रहीं। मौसम विभाग के तूफान संबंधी अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने करीब 36 घंटे में विसर्जन प्रक्रिया पूरी कराने का लक्ष्य रखा है। शहर के चौक, ठठेरी बाजार और पंचरस्ता समेत कई स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं कतारों में रखी गई हैं। प्रतिमाओं को लेकर पहुंचीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को फूल-मालाओं से सजाया गया है। पूजा समितियों के सदस्य अपनी-अपनी प्रतिमाओं के साथ शोभायात्रा में शामिल होकर नाचते-गाते चल रहे हैं। जगह-जगह प्रसाद वितरण भी किया जा रहा है। पूरे इलाके में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। शहर की 129, ग्रामीण क्षेत्रों की 25 से 30 प्रतिमाएं शामिल नगर में कुल 129 प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं, जो विसर्जन मार्ग पर पहुंची हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की करीब 25 से 30 प्रतिमाएं भी शोभायात्रा में शामिल होती हैं। इस तरह प्रतिमाओं की कुल संख्या करीब 160 से 165 तक पहुंचने का अनुमान है। सभी प्रतिमाओं का विसर्जन सीताकुंड धाम पर गोमती नदी में किया जाएगा। 36 घंटे में विसर्जन पूरा कराने का लक्ष्य मौसम विभाग के तूफान संबंधी अलर्ट को देखते हुए प्रशासन विसर्जन प्रक्रिया जल्द पूरी कराने की तैयारी में है। इसके लिए जिले के अलावा बाहरी जिलों से भी हजारों की संख्या में पुलिसकर्मियों को बुलाया गया है। प्रशासन का लक्ष्य करीब 36 घंटे के भीतर विसर्जन संपन्न कराने का है, ताकि मौसम खराब होने की स्थिति में किसी तरह की परेशानी न हो। सीताकुंड घाट पर 16 फीट का अस्थायी रैंप तैयार विसर्जन की तैयारियों के तहत नगरपालिका की टीम ने घाट पर जमी घास और रेत को हटाया है। प्रतिमाओं को नाव तक पहुंचाने के लिए 16 फीट चौड़ा अस्थायी रैंप बनाया गया है। इसके जरिए प्रतिमाओं को नाव में रखकर गोमती नदी में विसर्जित किया जाएगा। नगरपालिका की ओर से घाट पर साफ-सफाई, रोशनी, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था की गई है। 8-8 घंटे की शिफ्ट में तैनात रहेंगे सफाईकर्मी नगरपालिका की ओर से सफाईकर्मियों और सफाई नायकों की टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें 8-8 घंटे की शिफ्ट में सुबह 8 बजे से विसर्जन समाप्त होने तक मुस्तैद रहेंगी। व्यवस्था को बनाए रखने के लिए घाट और विसर्जन मार्ग पर लगातार साफ-सफाई की जाएगी। केंद्रीय पूजा समिति की डीजे की तेज आवाज पर आपत्ति केंद्रीय पूजा समिति ने डीजे पर बजने वाली तेज ध्वनि, बेस, बीट और वाइब्रेशन को लेकर आपत्ति जताई है। समिति की ओर से पूजा समितियों से अपील की गई है कि वे डीजे के बजाय साउंड सिस्टम का इस्तेमाल करें, ताकि श्रद्धालुओं और आसपास के लोगों को तेज आवाज से परेशानी न हो।
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