कासगंज में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन:कांग्रेस विधि विभाग ने मनमाने आचरण और गलत नीतियों का आरोप लगा इस्तीफा मांगा
कासगंज न्यायालय में शुक्रवार शाम 4 बजे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। यह प्रदर्शन जिला कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के चेयरमैन सत्येन्द्र पाल सिंह बैस की अगुवाई में वकीलों ने किया। वकीलों ने ज्ञानेश कुमार के मनमाने आचरण और गलत नीतियों का विरोध किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफा देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान वकीलों के हाथों में पंपलेट थे। इन पंपलेट पर 'मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाओ देश बचाओ', 'मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र का हत्यारा है सजा दो', 'मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र का गला काटा है वह कातिल है', 'मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार वोट चोरी कर सत्ता चोरी करा रहा है', 'मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र पर धब्बा है, इस्तीफा दो' और 'मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सरकार की कठपुतली है' जैसे नारे लिखे थे। सह-चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्तियां कीं चेयरमैन सत्येन्द्र पाल सिंह बैस ने कहा कि मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार चुनाव आयुक्त के नाम पर कलंक हैं और सरकार की कठपुतली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने सरकार के साथ मिलकर देश में 13 करोड़ वोट काटे और कई राज्यों में सत्ता चोरी कराई। बैस ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। बैस ने आगे कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने सरकार के कहने पर खुद फैसले लिए। उनके इन फैसलों पर दोनों सह-चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्तियां कीं। लेकिन ज्ञानेश कुमार ने इन आपत्तियों को नजरअंदाज कर सरकार के लिए वोट चोरी कर सत्ता चोरी कराई है। उन्होंने कहा कि भारत की जनता जाग गई है और देश को ऐसे अलोकतांत्रिक व तानाशाह मुख्य चुनाव आयुक्त की जरूरत नहीं है। बैस ने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए। नहीं तो भारत की जनता उन्हें इस्तीफा देने पर मजबूर कर देगी। प्रदेश सचिव धर्मेश शर्मा ने भी कहा कि मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त लोकतंत्र पर धब्बा हैं। उन्हें तुरंत अपने पद से हट जाना चाहिए।
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