केंद्रीय विद्यालय अयोध्या में कार्यशाला:डाॅ.आलोक मनदर्शन बोले- अवसाद और चिंता मनोरोग के प्राथमिक लक्षण
पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय अयोध्या में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजनों दिवस को लेकर बुधवार को कार्यशाला की गई। जिला चिकित्सालय के मनो परामर्शदाता डा. आलोक मनदर्शन ने "वृद्धजन आत्मघाती मनोदशा" पर विचार रखे। उन्होंने बताया कि इस बार वृद्धजन दिवस की थीम है- वृद्ध जनों की जीवन-प्रत्याशा व गुणवत्ता को बढ़ावा देना। उन्होंने बताया कि 55 वर्ष और उससे अधिक आयु के 20% से अधिक लोगों में वृद्धावस्था मनोरोग के लक्षण दिखते हैं। इनमें आमतौर पर अवसाद, चिंता और संज्ञानात्मक गिरावट शामिल होती है। अवसाद और चिंता के बाद मनोभ्रंश और संज्ञानात्मक गिरावट जो अल्जाइमर और उससे संबंधित मनोभ्रंश रूप में प्रचलित हैं, अक्सर अवसाद के साथ होते हैं। अन्य समस्याओं में शराब/नशीली दवाओं का दुरुपयोग, सिज़ोफ्रेनिया और तीव्र भ्रम या डेलीरियम शामिल हैं। इन मनोरोगों के जोखिम कारकों में मधुमेह, हृदय रोग और गठिया जैसी दीर्घकालिक स्थितियां भी होती हैं। सामाजिक या पारिवारिक अलगाव से उपजा अकेलापन अवसाद के खतरे में उत्प्रेरक का कार्य करता है, जिसे ओल्ड-एज साइक्याट्री में इम्पटी-नेस्ट सिंड्रोम कहा जाता है। इसमें प्रिंसिपल आर सी पाण्डेय की अध्यक्षता में सभी शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।
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