कक्षा-8 की छात्रा बनी एक दिन की प्रधानाचार्य:श्रावस्ती में मिला नेतृत्व क्षमता विकसित करने का मौका, छात्रा ने सीखा निर्णय लेने का हुनर
श्रावस्ती में बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और उन्हें निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मिशन शक्ति विशेष अभियान के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, सिरसिया में मंगलवार को दोपहर 2:00 बजे के बाद सराहनीय पहल की गई। यहां कक्षा आठ की छात्रा सक्षम को एक दिन के लिए प्रधानाचार्य बनाया गया। इस पहल के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि अवसर मिलने पर बेटियां भी नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं। एक दिन की प्रधानाचार्या बनीं छात्रा सक्षम ने विद्यालय की व्यवस्थाओं और शैक्षणिक गतिविधियों को करीब से समझा। प्रधानाचार्या की जिम्मेदारी निभाने के दौरान उन्हें विद्यालय संचालन और नेतृत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों को जानने का अवसर मिला। इस गतिविधि का उद्देश्य छात्राओं को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उनमें व्यावहारिक समझ, जिम्मेदारी का एहसास और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना है। मिशन शक्ति के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने बालिकाओं को आगे बढ़ने, अपनी क्षमता पहचानने और भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। ऐसी पहल से छात्राओं के मन में आत्मनिर्भर बनने की भावना मजबूत होती है और वे अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रोत्साहित होती हैं। खंड शिक्षा अधिकारी सिरसिया अखिलेश कुमार ने पहल की सराहना करते हुए बालिकाओं के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। उन्होंने बालिकाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने और उनकी प्रतिभा को निखारने के महत्व को रेखांकित किया। मिशन शक्ति के तहत की गई यह पहल बालिकाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे छात्राओं को यह प्रेरणा मिली कि वे अपनी मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर शिक्षा के साथ-साथ नेतृत्व के क्षेत्र में भी नई पहचान बना सकती हैं।
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