कन्नौज की सुलतान पीर दरगाह पर उर्स में उमड़ी भीड़:जुमेरात को कव्वाली कार्यक्रम देखने को पहुंचे जायरीन, रात 1 बजे तक चलेगा कार्यक्रम
कन्नौज की सुलतान पीर दरगाह पर चल रहे सालाना उर्स में गुरुवार शाम 6 बजे से जायरीनों का सैलाब उमड़ने लगा। आस्ताने पर दूर-दराज से लोगों के आने का सिलसिला जारी है। जुमेरात पर उर्स के दौरान कव्वाली देखने के लिए भीड़ नजर आई। यहां देर रात तक कार्यक्रम चलेगा। यहां उर्स की शुरुआत 29 तारीख को कुरआन ख्वानी से हुई। इसमें मदरसा-उलमा, हाफिज और मौलानाओं ने शिरकत की। 1 अक्टूबर की रात करीब नौ बजे धार्मिक जलसे का आयोजन किया जाएगा, जो रात एक बजे तक चलेगा। जबकि यहां शाम चार बजे मजारे-अकदस का गुस्ल कराया गया। इसके बाद कव्वाली का दौर चलेगा। जिसको देखने के लिए जुमेरात को आस्ताने पर जायरीनों की भीड़ जुट गई। 150 साल पुराना उर्स दरगाह से जुड़े शरीफुद्दीन उर्फ बल्लू ने बताया कि यहां उर्स करीब 150 साल से होता आ रहा है। एक समय यहां बिजली, सड़क और पानी जैसी सुविधाएं नहीं थीं। नगर पालिका के खंभों पर लगी लालटेन और कुओं के पानी के सहारे जायरीन यहां पहुंचते थे। साल में दो बार होता उर्स बल्लू के मुताबिक यहां साल में दो प्रमुख उर्स आयोजित होते हैं। रबी-उल-अव्वल/रबी-उस-सानी की 11वीं शरीफ और 17वीं तारीख के उर्स में बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचते हैं। आयोजन में स्थानीय प्रशासन और पुलिस का भी सहयोग रहता है। बस्सू मियां के इंतकाल के बाद गद्दी की जिम्मेदारी उनके छोटे भाई नसीरुद्दीन उर्फ गुड्डू संभाल रहे हैं। दूर-दराज से आने वाले जायरीनों के लिए दरगाह परिसर में लगातार लंगर चलाया जा रहा। जहां आने-जाने वाले जायरीनों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था रहती है। इसकी जिम्मेदारी उर्स कमेटी की ओर से निभाई जाती।
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