कोसी में बहे 8 पशु 2 दिन बाद भी लापता:रामपुर में प्रशासन ने नहीं की तलाश, पशुपालक परेशान, बच्चे मां की याद में रो रहे
रामपुर। मुख्यालय से 15 किमी दूर तहसील सदर थाना पटवाई क्षेत्र के दलपुरा गांव में कोसी नदी के तेज बहाव में पशुओं के बहने की घटना के दो दिन बाद भी लापता 3 गोवंशीय और 5 भैंस वंशीय पशुओं की डेड बॉडी तलाशने की कोई कवायद प्रशासन की ओर से नहीं की गई। बुधवार दोपहर करीब दो बजे दैनिक भास्कर ने गांव पहुंचकर पड़ताल की तो पशुपालकों ने पीड़ा बताई। उनका कहना था कि स्थानीय लोगों ने जान जोखिम में डालकर नदी में पशुओं को तलाशने की कोशिश की, लेकिन डेड बॉडी नहीं मिली। पशुपालकों के मुताबिक 28 सितंबर को कोसी नदी में आए तेज बहाव के दौरान करीब 16 से 17 पशु बह गए थे। इनमें 9 पशुओं की डेड बॉडी मिल गई थी, जिनका पोस्टमार्टम कराया गया। बाकी गोवंशीय और भैंस वंशीय पशु नदी के तेज बहाव में बह गए। दो दिन बाद भी उनकी डेड बॉडी का पता नहीं चल सका है। पशुपालकों का कहना है कि प्रशासन ने पशुओं की तलाश के लिए कोई अभियान नहीं चलाया। पशुपालक नासिर ने बताया कि पशु उनके परिवार की आजीविका का साधन थे। अब आर्थिक नुकसान के साथ घर में परेशानी भी बनी हुई है। जिन पशुओं की डेड बॉडी नहीं मिली, उनके छोटे-छोटे बच्चे अपनी मां की तलाश में परेशान हैं। पशुपालकों के अनुसार बच्चे पशुओं की आवाज सुनने की उम्मीद में व्याकुल होते हैं और रोते तथा रंभाते हैं। पशुओं से लगाव के कारण बच्चे परेशान हैं। पशुपालकों का कहना है कि अगर नदी में बह गए पशुओं की डेड बॉडी मिल जाती तो यह पता चल जाता कि उनके पशुओं का क्या हुआ। डेड बॉडी नहीं मिलने से उन्हें नुकसान की पुष्टि को लेकर परेशानी है। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का आकलन कराकर आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। उधर, एसडीएम सदर रत्निका श्रीवास्तव ने बताया कि पशुओं के नुकसान का आकलन करने के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिन पशुपालकों के पशु पानी में बहने से मर गए और उनकी डेड बॉडी नहीं मिल सकी, उन्हें सरकार की योजना के तहत लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
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