लिव इन रिलेशल वाले पति-पत्नी माने जाएंगे:जनगणना में पूछे जाएंगे इससे जुड़े प्रश्न; 16 से शुरू होगी स्वगणना

Oct 12, 2026 - 23:33
0
लिव इन रिलेशल वाले पति-पत्नी माने जाएंगे:जनगणना में पूछे जाएंगे इससे जुड़े प्रश्न; 16 से शुरू होगी स्वगणना
जनगणना 2027 के तहत 16 नवंबर से स्वगणना शुरू हो जाएगी। इसको लेकर तैयारी तेजी से की जा रही है। इस बार जनगणना में 40 सवालों के जरिए लोगों के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। इस बार लिव इन रिलेशन को लेकर भी सवाल पूछे जाएंगे। यदि कोई जोड़ा लिव इन रिलेशन में होगा तो उसे पति-पत्नी के रूप में दर्ज किया जाएगा। 1 दिसंबर से घर-घर जाकर जनगणना का काम शुरू होगा। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में इसको लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां प्रशिक्षित होने वाले ट्रेनर अन्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे। उपलब्ध प्रशिक्षण संबंधी जानकारी में पुरुषों और महिलाओं के 4 विवाह दर्शाने तथा लिव-इन संबंधों में साथ रहने वाले जोड़ों को दंपती के रूप में दर्ज करने की बात कही गई है। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से 14 अगस्त को जारी 40 सवालों की आधिकारिक सूची में चार विवाह या लिव-इन संबंधों के लिए अलग से कोई सवाल स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है। प्रश्नावली में वर्तमान वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय आयु और पति या पत्नी का नाम पूछा जाएगा। जनगणना में महिलाओं से जुड़े तीन सवाल भी शामिल हैं। वर्तमान में विवाहित महिलाओं से पिछले एक वर्ष में जीवित जन्मे बच्चों की संख्या पूछी जाएगी। वहीं, वर्तमान में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या अलग रह रही महिलाओं से अब तक जीवित जन्मे बच्चों की कुल संख्या और वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या की जानकारी ली जाएगी। इस बार सभी समुदायों की जाति से संबंधित जानकारी भी जुटाई जाएगी। इसके अलावा मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाओं, सामान्य साक्षरता के साथ डिजिटल साक्षरता, शिक्षा, रोजगार, काम की प्रकृति और कार्यस्थल तक आने-जाने से संबंधित सवाल भी पूछे जाएंगे। बैंक खातों की संख्या, उपलब्ध मोबाइल नंबर, आधार और मतदाता पहचानपत्र सहित अन्य दस्तावेजों की जानकारी भी प्रश्नावली का हिस्सा है। जनगणना के पहले चरण में मकानों और आवासीय सुविधाओं से संबंधित जानकारी जुटाई गई है। दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना होगी। इसमें बेघर लोगों को भी शामिल किया जाएगा। लोगों की नागरिकता के बजाय उनकी घोषित राष्ट्रीयता दर्ज की जाएगी। जन्मस्थान, पिछले निवास स्थान और पलायन के कारणों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि जनगणना के लिए प्रशिक्षण शुरू हो गया है। कर्मचारियों को सभी सवालों और उनकी प्रक्रिया को समझने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़ों की शुद्धता महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर भविष्य की योजनाएं तैयार की जाती हैं। स्वगणना की सुविधा से लोग स्वयं भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User