लखीमपुर में लगातार बारिश से हालात बिगड़े:दंपती व बच्चे की मौत, सड़कों पर पेड़ गिरे, फसलें खराब
लखीमपुर खीरी जिले में पिछले करीब 48 घंटे से जारी बारिश के बाद शनिवार सुबह चली तेज हवाओं ने हालात और बिगाड़ दिए। लगातार बारिश से पहले ही जनजीवन अस्त-व्यस्त था, वहीं सुबह तेज हवाओं ने कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दीं। जगह-जगह पेड़ और डालियां गिरने से सड़कें बाधित हुईं। कई स्थानों पर बिजली व्यवस्था भी प्रभावित होने की सूचना है। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर जिले में पहले ही सतर्कता बरती जा रही थी। खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर कक्षा एक से 12 तक के सभी विद्यालयों में शनिवार, 26 सितंबर को अवकाश घोषित किया गया था। हालांकि सुबह से तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों की परेशानी बढ़ा दी। लोग जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकले। कई मार्गों पर पेड़ गिरने के कारण आवागमन प्रभावित रहा और उन्हें हटाने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रयास किए गए। तीन तस्वीरें देखें मितौली में हादसे ने छीन लिया पूरा परिवार मितौली तहसील क्षेत्र में बारिश के दौरान एक मकान गिरने से परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। हादसे में दंपती और उनके दस वर्षीय बेटे ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर परिवार को बाहर निकालने का प्रयास किया। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है। लगातार बारिश के कारण जिले में कमजोर और जर्जर भवनों को लेकर भी खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से लोगों को ऐसे भवनों से दूर रहने तथा बारिश के दौरान सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। सड़कों पर पेड़, आवागमन हुआ प्रभावित
तेज हवा का असर जिले के ग्रामीण और मुख्य मार्गों पर भी देखने को मिला। कई स्थानों पर पेड़ सड़क पर गिर गए। इससे कुछ मार्गों पर आवागमन बाधित हुआ। वाहन चालकों को पेड़ हटने तक इंतजार करना पड़ा। बारिश और हवा के कारण सड़क पर दृश्यता भी प्रभावित रही।
कई इलाकों में बिजली के तार और पोल प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई। इससे कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति बनी। संबंधित विभागों की टीमें प्रभावित स्थानों पर व्यवस्थाएं बहाल करने में जुटीं। खेतों में पानी, किसानों की बढ़ी चिंता
लगातार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले के तमाम इलाकों में खेतों में पानी भर गया है। धान की फसल पकने की ओर है और इसी दौरान तेज हवाओं ने खेतों में खड़ी फसल को गिरा दिया। किसानों का कहना है कि यदि पानी निकासी नहीं हुई और मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। तेज हवा से खेतों में गिरी धान की फसल की कटाई भी किसानों के लिए चुनौती बन सकती है। पानी में पड़ी फसल में दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। किसानों के मुताबिक कुछ स्थानों पर हालात ऐसे हैं कि खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह जमीन से लग गई है। गन्ने की फसल पर भी मौसम की मार पड़ी है। तेज हवाओं के कारण कई खेतों में गन्ना झुक गया है। लगातार बारिश और जलभराव के चलते किसानों को फसल के नुकसान की चिंता सता रही है। किसानों का कहना है कि बारिश थमने और खेतों से पानी निकलने के बाद ही नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। बारिश थमने का इंतजार
जिले में लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। बाजारों और सड़कों पर सामान्य दिनों की अपेक्षा कम आवाजाही रही। ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव के कारण लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हुई।
प्रशासन ने मौसम को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर तेज हवाओं और बारिश के दौरान पेड़, बिजली के पोल तथा जर्जर भवनों से दूर रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल जिले के लोगों को बारिश थमने और मौसम सामान्य होने का इंतजार है।
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