लखनऊ में चार लोगों से 1.083 करोड़ की ठगी:शेयर ट्रेडिंग में 150 गुना मुनाफे का झांसा देकर 81.41 लाख ठगे, ग्रीन गैस और बैंककर्मी बनकर 19.42 लाख उड़ाए
लखनऊ में फेसबुक पर शेयर ट्रेडिंग का प्रचार देखकर बुजुर्ग साइबर जालसाजों के जाल में फंस गए। जालसाजों ने उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़कर 40 से 150 गुना तक मुनाफे का झांसा दिया। जीवनभर की कमाई निवेश करने के बाद रकम निकालने पर टैक्स के नाम पर रुपए मांगे गए। लगातार रकम देने के बाद भी पैसे नहीं मिले तो ठगी का एहसास हुआ। वहीं ग्रीन गैस कंपनी और बैंककर्मी बनकर साइबर जालसाजों ने बुजुर्ग और रिटायर्ड इंस्पेक्टर समेत तीन लोगों के खातों से 19.42 लाख रुपए पार कर दिए। गोमतीनगर विस्तार सेक्टर-6 निवासी महेश प्रसाद (60) ने पुलिस से की शिकायत में बताया कि तीन अगस्त को उन्होंने फेसबुक पर शेयर ट्रेडिंग का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद जालसाजों ने उन्हें स्टॉक ब्रोकर्स कंपनी के नाम से बने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ लिया। ग्रुप में कंपनी को सेबी से रजिस्टर्ड बताया गया था। ग्रुप में अनन्या कुलकर्णी नाम की युवती ने खुद को काउंसलर बताते हुए फिनसोल सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड के जरिए शेयर बाजार में निवेश कराने की बात कही। आईपीओ में निवेश पर 40 से 150 गुना तक मुनाफा मिलने का झांसा दिया गया। शुरुआत में ग्रुप पर निवेश की रकम को 10 से 50 गुना और फिर 100 से 150 गुना तक बढ़ा हुआ दिखाया गया। स्क्रीनशॉट साझा कर महेश को और निवेश के लिए प्रोत्साहित किया गया। रकम निकालने की कोशिश की तो टैक्स के नाम पर दो लाख रुपये मांगे गए। इसके बाद अलग-अलग बहाने बनाकर लगातार रकम जमा कराई गई। शक होने पर महेश ने विरोध किया तो उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला। मामले में साइबर थाना इंस्पेक्टर आलोक राव का कहना है पुलिस मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के आधार पर जालसाजों की तलाश कर रही है। ग्रीन गैस और बैंककर्मी बनकर तीन लोगों से 19.42 लाख उड़ाए वहीं ग्रीन गैस कंपनी और बैंककर्मी बनकर साइबर जालसाजों ने बुजुर्ग और रिटायर्ड इंस्पेक्टर समेत तीन लोगों के खातों से 19.42 लाख रुपए पार कर दिए। ग्रीन गैस कर्मी बनकर खाते से 5.87 लाख निकाले इंदिरानगर सेक्टर-11 निवासी 67 वर्षीय हाकिम सिंह के पीएनबी इंदिरानगर और एचएएल शाखा में खाते हैं। 10 सितंबर को उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को ग्रीन गैस कंपनी का कर्मचारी बताकर जानकारी मांगी। हाकिम ने जानकारी देने से इनकार किया तो आरोपी ने आधे घंटे में घर आकर बात करने की बात कही, लेकिन वह नहीं आया। 14 सितंबर को पासबुक अपडेट कराने पर खाते से 5.87 लाख रुपये निकलने का पता चला। एपीके एप पर क्लिक किया, तीन खातों से 7.15 लाख गायब मड़ियांव के प्रीतिनगर निवासी भूपेश कुमार के बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई और यूको बैंक में खाते हैं। उन्होंने बताया कि 15 सितंबर को गलती से एक एपीके एप पर क्लिक हो गया। इसके बाद तीनों खातों से 25 सितंबर तक 10 बार में कुल 7,15,055 रुपये निकाल लिए गए। रिटायर्ड सीआईडी इंस्पेक्टर से 6.40 लाख की ठगी पीजीआई के तेलीबाग स्थित गोपालनगर निवासी गोपाल सिंह बिष्ट (70) साल 2016 में सीआईडी से निरीक्षक पद से रिटायर्ड हुए थे। उनका बैंक ऑफ इंडिया में खाता है। गोपाल के मुताबिक, उनके पास बैंककर्मी बनकर कॉल आई। आरोपी ने पेंशनर कार्ड बनवाने के नाम पर फॉर्म भरने के लिए बैंक संबंधी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उनके खाते से 4.88 लाख और पत्नी खष्टी बिष्ट के संयुक्त खाते से 1.52 लाख रुपये निकाल लिए गए। कुल 6.40 लाख रुपये की ठगी के बाद उन्होंने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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