लखनऊ में नहजुल बलाग़ा पर साहित्यिक सभा:साहित्यकारों और विद्वानों ने नहजुल बलाग़ा का महत्व बताया
लखनऊ। गांधी जयंती के अवसर पर किताबख़ाना इल्म व दानिश के तत्वावधान में 2 अक्टूबर को अकबर हॉल, मेहताब बाग में साहित्यिक सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में नहजुल बलाग़ा से संबंधित दो पुस्तकों—‘नहजुल बलाग़ा और उर्दू शायर’ तथा ‘शासन के सार्वभौमिक सिद्धांत: अहदनामा-ए-मालिक अश्तर, पत्र संख्या 53 की रोशनी में’—का विमोचन हुआ। सभा में शहर के विद्वान, बुद्धिजीवी और साहित्यप्रेमी शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत मौलाना सैयद कर्रार अली जाफ़री की तिलावत से हुई। संचालन साहित्यकार प्रो. अब्बास रज़ा नय्यर जलालपुरी ने किया। संस्था के निदेशक मौलाना सैयद हैदर अब्बास रिज़वी ने गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। मौलाना अशरफ़ अली ग़रवी और मौलाना सैयद रज़ा हैदर ज़ैदी ने नहजुल बलाग़ा के महत्व, न्याय और सहिष्णुता पर विचार रखे। मौलाना साबिर अली इमरानी ने काव्य प्रस्तुति दी। अध्यक्षता मौलाना सैयद मुहम्मद जाबिर जौरासी ने की। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
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