प्रेमानंद के शिष्य के सुसाइड का राज 9वें दिन उलझा:चश्मदीद बोला- तेज आवाज के साथ गिरे थे; 50 लोगों से पूछताछ, वजह पता नहीं
मथुरा में संत प्रेमानंद जी के शिष्य रसिक दुलारी शरण ने चौथी मंजिल से कूदकर जान दी थी। आज 9वें दिन भी उनकी सुसाइड की वजह पता नहीं चल सकी है। मथुरा के एसपी सिटी राजीव कुमार के नेतृत्व में 5 टीमें जांच कर रही हैं। अब तक 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। पुलिस आश्रम में लगे सीसीटीवी से लेकर घटना के समय वहां मौजूद लोगों और रसिक दुलारी शरण के साथ पहले रह चुके लोगों तक से जानकारी जुटा रही है। पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि रसिक दुलारी शरण ने छत से कूदकर जान दी। हालांकि, उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अभी पता नहीं चल सकी है। पुलिस इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है। अब तक 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ भी कर चुकी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में चश्मदीद ने कहा- मैं खाना खा रहा था। तभी तेज आवाज आई। भागकर देखा तो जमीन पर साधु पड़े थे। चश्मदीद बोला- खाना खा रहा था, तभी आई तेज आवाज गुरु कृपा कुंज के सामने रहने वाले चश्मदीद छोटू ने बताया कि 25 सितंबर की सुबह करीब साढ़े 10 बजे वह खाना खा रहा था। तभी अचानक तेज धड़ाम की आवाज आई। वह दौड़कर बाहर आया तो जमीन पर एक साधु पड़े दिखाई दिए। उनके सिर से खून निकल रहा था। छोटू ने बताया कि वह कुछ समझ पाता, इससे पहले आश्रम से जुड़े कुछ साधु जैसे लोग वहां पहुंचे। जमीन पर पड़े साधु को करीब 5 लोग निजी गाड़ी में ले गए। छोटू ने बताया कि वह साधु उस समय जिंदा थे या उनकी मौत हो चुकी थी, यह वह नहीं बता सकता, क्योंकि महाराज के शिष्यों ने उसे पास नहीं जाने दिया। सुबह 11:10 बजे अस्पताल पहुंचाया, 2 घंटे तक चला इलाज घटना के बाद रसिक दुलारी शरण को मथुरा में गोकुल रेस्टोरेंट के पास स्थित सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, वह सुबह 11:10 बजे वहां पहुंचे। डॉक्टरों ने उनकी खुली चोटों का इलाज शुरू किया और टांके लगाए। प्राइवेट पार्ट से काफी खून बह रहा था। डॉक्टरों ने करीब 2 घंटे तक इलाज किया, लेकिन रसिक दुलारी शरण की जान नहीं बचाई जा सकी। गंभीर हालत में थे, बयान नहीं हो सका सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया- अस्पताल से सूचना मिली थी कि एक घायल साधु को लाया गया है, जिनके प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोट थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची। साधु की हालत बेहद गंभीर थी और वह बयान देने की स्थिति में नहीं थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया। जांच की 5 टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारी सीओ वृंदावन संदीप सिंह के अनुसार, मामले की जांच के लिए 5 टीमें बनाई गई हैं। एक टीम सीओ वृंदावन और दूसरी सीओ सदर के नेतृत्व में जांच कर रही है। सीओ मांट के नेतृत्व में थाना मांट पुलिस भी जांच में जुटी है। इसके अलावा वृंदावन थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम अपने स्तर से सबूत जुटा रही हैं। सभी टीमों की निगरानी एसपी सिटी राजीव कुमार कर रहे हैं। सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। रसिक दुलारी शरण के कूदने की CCTV देखिए- सीसीटीवी से लेकर पुराने साथियों तक की जानकारी जुटा रही पुलिस पुलिस घटना से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है। आश्रम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की गई है। इसके अलावा आश्रम में रह रहे लोगों, पहले रसिक दुलारी शरण के साथ रह चुके लोगों और वहां काम करने वाले लोगों से भी जानकारी ली गई है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मौत को आत्महत्या माना जा रहा है, लेकिन आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। इसी कारण जांच को किसी एक एंगल तक सीमित नहीं रखा गया है। छत से गिरने का वीडियो पहले सामने आया था 5 दिन पहले रसिक दुलारी के चौथी मंजिल से गिरने का एक CCTV सामने आया था। यह बिल्डिंग के बाहर लगे हुए कैमरे में रिकॉर्ड हुआ था। इसमें दिख रहा था है कि रसिक दुलारी शरण 40 फीट ऊंचाई से अचानक सड़क पर पैरों के बल गिरते हैं। सिर जमीन से टकराता है और फट जाता है। वह तड़पने लगते हैं। सड़क पर खून फैलने लगता है। इसी दौरान वहां से दो साइकिल सवार गुजर रहे होते हैं। इनमें से एक पीले कपड़े पहने शिष्य था। दोनों यह दृश्य देखकर सहम जाते हैं। रसिक दुलारी छत पर टहले, फिर लगाई छलांग रसिक दुलारी वाराह घाट इलाके की 4 मंजिला गुरु कृपा कुंज बिल्डिंग में 3 महीने से रहते थे। यह बिल्डिंग प्रेमानंद महाराज के ट्रस्ट केली कुंज की है। इसमें प्रेमानंदजी के आश्रम से जुड़े 50 से ज्यादा शिष्य और सेवादार रहते हैं। बिल्डिंग प्रेमानंद के पुराने केली कुंज आश्रम से 500 मीटर दूर है। पुलिस के मुताबिक, रसिक दुलारी शरण को गंभीर हालत में सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया था कि रसिक दुलारी के प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था। कमरे में एक ग्राइंडर मिला है, जिस पर खून लगा था। आशंका है कि शिष्य ने ग्राइंडर से प्राइवेट पार्ट को नुकसान पहुंचाया था। पोस्टमॉर्टम में प्राइवेट पार्ट पर कट के निशान मिले 26 सितंबर को रसिक दुलारी शरण दास का पोस्टमॉर्टम 2 डॉक्टरों के पैनल ने किया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, जो सिर, पैर और कमर में थे। इसके अलावा प्राइवेट पार्ट पर भी कट के निशान थे। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। 2 साल पहले प्रेमानंदजी से दीक्षा ली थी, नाम बदल लिया रसिक दुलारी मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। वह 2 साल पहले वृंदावन आए और प्रेमानंदजी से दीक्षा ली। इसके बाद अपना नाम दीपक लोधी से बदलकर रसिक दुलारी शरण रख लिया। वह बिजली का काम जानते थे, इसलिए आश्रम में उन्हें इसी सेवा से जोड़ा गया था। दीपक 2 भाई और एक बहन में दूसरे नंबर पर थे। सबसे बड़ी बहन और फिर दीपक थे। सबसे छोटे भाई मनीष हैं। मां ने कहा था- मिलने नहीं दिया जाता था बेटे की मौत की सूचना पर पहुंचीं रसिक की मां लौंग बाई ने कहा- दो साल पहले बेटे से आखिरी बार बात हुई थी। सूचना मिली कि बेटा गिर गया है। हम आनन-फानन में यहां आए। पहले भी मिलने आए थे, लेकिन मुलाकात नहीं होने दी गई थी। भगवान दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। अनसुलझे सवाल, आखिर क्यों सुसाइड किया? …………………………………… संबंधित ये खबर भी पढ़ें मां बोलीं- 2 साल से बेटे का चेहरा नहीं देखा:मथुरा में रसिक दुलारी की मौत; भाई बोला- सेना में जाना चाहता था, भक्ति की राह पर चला गया संत प्रेमानंद महाराज के साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के मामले में परिवार ने कई सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि दीपक आत्महत्या नहीं कर सकता था। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पूरी खबर पढ़ें
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