यूपीएससी परीक्षा के बाद युवक ने उठाया बड़ा कदम! गोमती किनारे मचा हड़कंप...
लखनऊ में सरकारी इंटर कॉलेज की उपप्रधानाचार्य के बेटे ने कथित तौर पर गोमती नदी में छलांग लगा दी। परिवार के अनुसार युवक संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा खराब होने के कारण तनाव में था। घटना के बाद पुलिस और गोताखोरों की टीम लगातार युवक की तलाश में जुटी हुई है।
दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 25 मई 2026
गोमती नदी में कूदे युवक की तलाश जारी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सोमवार सुबह एक बेहद भावुक और चिंताजनक मामला सामने आया है। सरकारी इंटर कॉलेज की उपप्रधानाचार्य के बेटे ने कथित तौर पर गोमती नदी में छलांग लगा दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर पुलिस के साथ गोताखोरों की टीम लगातार युवक की तलाश में जुटी हुई है। कई घंटों की खोजबीन के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका है।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक सुबह पक्के पुल के पास पहुंचा था। कुछ देर बाद लोगों ने उसे नदी में छलांग लगाते देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही चौक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू कराया। आसपास के लोगों की भीड़ नदी किनारे जमा हो गई।
यूपीएससी परीक्षा खराब होने से था परेशान
परिजनों के अनुसार युवक प्रखर पाल हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा देकर लौटा था। उसकी मां ने बताया कि वह परीक्षा को लेकर काफी तनाव में था और बार-बार कह रहा था कि उसका प्रश्नपत्र अच्छा नहीं गया। मां के मुताबिक उन्होंने बेटे को समझाने की कोशिश की थी कि एक परीक्षा खराब होने से जिंदगी खत्म नहीं हो जाती और अगली परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए।मां ने रोते हुए बताया कि बेटे से आखिरी बार इसी विषय पर बातचीत हुई थी। इसके बाद वह घर से निकल गया और फिर कोई संपर्क नहीं हो पाया। परिवार का कहना है कि युवक पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर था और पिछले कई महीनों से लगातार तैयारी कर रहा था। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है।
गोमती किनारे खड़ी मिली स्कूटी
स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह पक्के पुल के पास एक स्कूटी खड़ी दिखाई दी थी। काफी देर तक जब कोई वहां नहीं आया तो लोगों को शक हुआ। इसी दौरान कुछ लोगों ने युवक को नदी की ओर जाते देखा। थोड़ी देर बाद गोमती में छलांग लगाने की सूचना फैल गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।पुलिस ने मौके से स्कूटी को कब्जे में ले लिया है और उसकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे निगरानी उपकरणों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है ताकि घटना से जुड़े हर पहलू की पुष्टि की जा सके। फिलहाल पूरा ध्यान युवक की तलाश पर केंद्रित है।
मां का घाट पर रो-रोकर बुरा हाल
घटना की जानकारी मिलते ही युवक की मां भी गोमती नदी के किनारे पहुंच गईं। बेटे के नदी में कूदने की खबर सुनकर वह बदहवास हो गईं और घाट पर ही फूट-फूटकर रोने लगीं। वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। मां बार-बार यही कहती रहीं कि उन्होंने बेटे को समझाया था कि निराश होने की जरूरत नहीं है।परिवार के अनुसार युवक के पिता का कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका है। इसके बाद मां ने ही बेटे की पढ़ाई और भविष्य की जिम्मेदारी संभाली थी। आसपास मौजूद लोगों ने परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश की, लेकिन मां का दर्द देखकर हर कोई भावुक हो गया।
गोताखोर चला रहे लगातार सर्च अभियान
चौक थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम लगातार गोमती नदी में खोज अभियान चला रही है। नदी के कई हिस्सों में तलाश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है।प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और युवक के मिलने तक अभियान बंद नहीं किया जाएगा। पुलिस परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में चिंता और तनाव का माहौल बना हुआ है।
प्रतियोगी परीक्षाओं का बढ़ता दबाव बना चिंता का कारण
यह घटना एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सफलता का दबाव कई युवाओं को मानसिक तनाव की ओर धकेल रहा है। ऐसे समय में परिवार और समाज का भावनात्मक सहयोग बेहद जरूरी होता है।जानकारों का मानना है कि असफलता को जिंदगी का अंत नहीं माना जाना चाहिए। युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाने और तनाव से बाहर निकालने के लिए परामर्श और संवाद बेहद जरूरी है। समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है।