यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में कड़ी सुरक्षा

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती की सबसे बड़ी परीक्षा 75 जिलों के 1183 केंद्रों पर शुरू हो गई है। 32,679 पदों के लिए 28 लाख 80 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए एआई कैमरे, थर्मल स्कैनिंग, कड़ी निगरानी और विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में कड़ी सुरक्षा

दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 9 जून 2026

यूपी की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा शुरू

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती की बहुप्रतीक्षित परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई। राज्य भर के 75 जिलों में बनाए गए 1183 परीक्षा केंद्रों पर 32,679 पदों के लिए 28 लाख 80 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। यह परीक्षा तीन दिनों तक आयोजित की जाएगी और प्रत्येक दिन दो पालियों में अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा के पहले दिन सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बड़ी संख्या में युवा अपने सपनों को पूरा करने की उम्मीद लेकर परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। प्रशासन ने परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम

परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी की गहन जांच की गई। केवल प्रवेश पत्र और निर्धारित पेन के साथ ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी गई। महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला पुलिसकर्मियों द्वारा की गई। परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया है। परीक्षा केंद्रों पर एआई आधारित निगरानी प्रणाली, थर्मल स्कैनिंग, सीसीटीवी कैमरे और विशेष निगरानी तंत्र सक्रिय रखा गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों की निगरानी करते रहे।

अभ्यर्थियों ने जताया भरोसा

परीक्षा देकर बाहर निकले कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा व्यवस्था की सराहना की। औरैया की मनीषा चौहान ने बताया कि प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत आसान रहा, हालांकि सामान्य ज्ञान खंड में कुछ प्रश्न चुनौतीपूर्ण थे। फर्रुखाबाद के आदित्य वर्मा ने कहा कि राज्य में सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना बेहद कम दिखाई देती है। उन्होंने परीक्षा को व्यवस्थित और पारदर्शी बताया।

रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर विशेष सुविधाएं

परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे। गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर विशेष सहायता शिविर स्थापित किए हैं। इन शिविरों में पीने के पानी, बैठने की व्यवस्था, कूलर और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी तैनात की गई हैं ताकि किसी भी अभ्यर्थी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत सहायता मिल सके।

बस किराए में छूट को लेकर शिकायतें

कई अभ्यर्थियों ने सरकार द्वारा घोषित बस किराए में 50 प्रतिशत छूट का लाभ नहीं मिलने की शिकायत भी की। कुछ अभ्यर्थियों का कहना था कि बस परिचालकों ने उन्हें पूरा किराया देने के लिए कहा और छूट संबंधी आदेश की जानकारी नहीं होने की बात कही। हालांकि कुछ अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि वापसी के दौरान उन्हें इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा। प्रशासन की ओर से इस विषय पर स्थिति स्पष्ट किए जाने की प्रतीक्षा की जा रही है।

पेपर लीक और सॉल्वर गैंग पर विशेष नजर

परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश एसटीएफ, जिला पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार सक्रिय हैं। संभावित सॉल्वर गैंग, नकल माफिया और पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। राज्य सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

युवाओं के लिए बड़ा अवसर

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा को राज्य की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं में से एक माना जा रहा है। लाखों युवा लंबे समय से इस अवसर का इंतजार कर रहे थे। परीक्षा के पहले दिन के सफल आयोजन के बाद अब सभी की नजर आगामी पालियों और अंतिम परिणाम पर टिकी हुई है। प्रशासन का दावा है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराई जाएगी ताकि योग्य अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित हो सके।