सिपाही की हत्या से सहमा नाहल गांव: बंद हैं बाजार, सुनसान गलियां, खौफ के साए में लोग

दि राइजिंग न्यूज़ | गाजियाबाद। 30 मई, 2025 ।  गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव में बीते रविवार को पुलिसकर्मी सौरभ कुमार की हत्या के बाद माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण बना हुआ है। बदमाश कादिर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला हुआ था, जिसमें सिपाही सौरभ शहीद हो गए। हालांकि आरोपी कादिर को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन गांव में पसरे खौफ और अव्यवस्था ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह रोक दिया है।

सिपाही की हत्या से सहमा नाहल गांव: बंद हैं बाजार, सुनसान गलियां, खौफ के साए में लोग
Nahal village is terrified by the killing of the soldier

दि राइजिंग न्यूज़ | गाजियाबाद। 30 मई, 2025 । 

गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव में बीते रविवार को पुलिसकर्मी सौरभ कुमार की हत्या के बाद माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण बना हुआ है। बदमाश कादिर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला हुआ था, जिसमें सिपाही सौरभ शहीद हो गए। हालांकि आरोपी कादिर को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन गांव में पसरे खौफ और अव्यवस्था ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह रोक दिया है।

गांव में ताले, गलियों में सन्नाटा

करीब 35 हजार की आबादी वाले नाहल गांव में 60% से ज्यादा घरों पर ताले लटक रहे हैं। लोग अपने घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां या दूसरी जगहों पर जा चुके हैं। जो कुछ गिने-चुने लोग गांव में हैं, वो भी अपने घरों की खिड़कियां-दरवाज़े बंद रखकर खुद को छिपाए हुए हैं।

बाजार, स्कूल और सेवाएं सब बंद

गांव का मुख्य बाजार पूरी तरह बंद है। राशन, दवाइयां, फल-सब्जियां तक उपलब्ध नहीं हैं। स्कूलों में ताले पड़े हैं और रोजमर्रा की दुकानें भी बंद हैं। गाजियाबाद और मसूरी के बीच चलने वाले 100 से अधिक ऑटो की संख्या घटकर अब सिर्फ 4-6 रह गई है

महिलाएं और बुज़ुर्ग अब जरूरी सामान के लिए मसूरी तक पैदल या किसी भी उपलब्ध साधन से जाने को मजबूर हैं। गांव की अर्थव्यवस्था और दैनिक ज़िंदगी पूरी तरह रुक गई है।

पुलिस तैनात, दबिश जारी

घटना के बाद से गांव में भारी पुलिस बल और PAC तैनात है। पुलिस लगातार दबिश दे रही है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से अन्य संदिग्धों की पहचान कर रही है। गांववाले कादिर को इस पूरे हालात का जिम्मेदार मानते हैं। उनका कहना है कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन बेकसूर लोगों को परेशान न किया जाए।

गांव में पसरा डर और अव्यवस्था

इस एक वारदात ने यह दिखा दिया है कि एक अपराध कैसे पूरे गांव को खामोश कर सकता है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है लेकिन डर और असुरक्षा का माहौल अब भी कायम है।