पानी की कमी से रुकी महोबा के युवाओं की शादी

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के मुड़हरा गांव में जल संकट ने लोगों की जिंदगी पर गहरा असर डाला है। पानी की कमी के कारण कई युवाओं के विवाह रिश्ते टूट रहे हैं और ग्रामीण वर्षों से परेशानी झेल रहे हैं।

पानी की कमी से रुकी महोबा के युवाओं की शादी

दि राइजिंग न्यूज़ | महोबा | 12 जून 2026

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में पानी की कमी अब सिर्फ लोगों की रोजमर्रा की परेशानी नहीं रह गई है, बल्कि इसका असर गांव के सामाजिक जीवन पर भी पड़ने लगा है। जिला मुख्यालय से करीब छह किलोमीटर दूर मुड़हरा गांव में जल संकट इतना गहरा गया है कि यहां के कई युवाओं के विवाह तक प्रभावित हो रहे हैं। करीब दो हजार की आबादी वाले इस गांव में लोग आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार की जलापूर्ति योजनाओं के तहत गांव में पानी की टंकी और पाइपलाइन तो बना दी गई, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों बाद भी घरों तक पानी नहीं पहुंचा।

करोड़ों की योजना के बाद भी नहीं पहुंचा पानी

मुड़हरा गांव में नमामि गंगे योजना के तहत जलापूर्ति व्यवस्था तैयार की गई थी। गांव में टंकी बनाई गई और पाइपलाइन भी बिछाई गई, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार केवल पानी की जांच हुई और इसके बाद नलों से पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि ढाई साल पहले बनी पानी की टंकी आज भी खाली पड़ी है और लोग पुराने साधनों पर निर्भर हैं।

तीन हैंडपंप और कुएं के सहारे ग्रामीण

गांव के लोग पानी के लिए तीन हैंडपंप और मंदिर के एक कुएं पर निर्भर हैं। इनमें से दो हैंडपंपों का पानी खारा होने के कारण इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। ऐसे में गांव के बाहर लगा एकमात्र हैंडपंप ही लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा बना हुआ है। सुबह से लेकर शाम तक इस हैंडपंप पर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की लंबी कतार लगी रहती है। लोगों को कई बार दूर से पानी लाकर अपनी जरूरत पूरी करनी पड़ती है।

पानी की कमी बनी शादी में रुकावट

जल संकट का सबसे बड़ा सामाजिक असर गांव के युवाओं पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में 30 से 40 से ज्यादा युवक विवाह योग्य उम्र पार कर चुके हैं, लेकिन पानी की समस्या के कारण दूसरे गांवों के परिवार यहां रिश्ता करने से बचते हैं। लोगों का कहना है कि जब किसी परिवार को गांव की स्थिति के बारे में पता चलता है तो वे अपनी बेटियों की शादी यहां करने से हिचकिचाते हैं। मेहमानों के आने पर भी पानी की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन जाती है।

महिलाओं की जिंदगी पानी जुटाने में बीत रही

गांव की महिलाओं का कहना है कि उनका अधिकतर समय पानी लाने और उसे जमा करने में निकल जाता है। शादी और अन्य कार्यक्रमों में बाहर से पानी के टैंकर मंगाने पड़ते हैं, जिससे परिवारों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ता है। पानी की समस्या का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है, क्योंकि परिवार के कई सदस्य पानी की व्यवस्था में व्यस्त रहते हैं।

प्रशासन ने जल्द समाधान का दिया भरोसा

मामले को लेकर एसडीएम शिव ध्यान पांडेय ने कहा कि गांव में पानी की समस्या की जानकारी मिली है। जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि वर्षों से चली आ रही पानी की समस्या का जल्द समाधान होगा और गांव के लोगों को राहत मिल सकेगी।