मेडिकल संस्थानों में बनेगी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने वाली सेल
लखनऊ के केजीएमयू और एसजीपीजीआई से जुड़े कथित धर्मांतरण मामलों के बाद उत्तर प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में विशेष निगरानी सेल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और जागरूकता बढ़ाना है।
दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 12 जून 2026
उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में कथित धर्मांतरण से जुड़े मामलों के बाद अब विशेष निगरानी व्यवस्था बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने चिकित्सा संस्थानों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।राजभवन के निर्देशों के बाद अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी ने प्रदेश के सभी संबद्ध मेडिकल और डेंटल कॉलेजों को विशेष सेल बनाने के आदेश जारी किए हैं।
चिकित्सा संस्थानों में बनेगी रोकथाम सेल
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबंधित संस्थानों से जल्द से जल्द इस विशेष सेल का गठन करने और उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।इस सेल का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों, अस्पताल परिसरों और छात्रावासों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना होगा।यह सेल छात्रों, रेजिडेंट डॉक्टरों और संस्थान में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच सक्रिय रहेगा।
संदिग्ध गतिविधियों पर रखी जाएगी नजर
निर्देशों के अनुसार, अगर परिसर में किसी भी व्यक्ति या संगठन की ओर से छात्रों या कर्मचारियों को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है, तो सेल इसकी निगरानी करेगा।इसके अलावा छात्रों और कर्मचारियों को उनके अधिकारों, नियमों और जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक करने के लिए समय-समय पर अभियान भी चलाए जाएंगे।
शिकायतों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।अगर कोई मामला सामने आता है तो संस्थान के नियमों और तय प्रक्रिया के अनुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
राजभवन के निर्देश के बाद शुरू हुई पहल
इस पूरी व्यवस्था को लागू करने के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर एम. बोबड़े की ओर से जारी पत्र और अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अमित देवगन के निर्देश अहम माने जा रहे हैं।इन निर्देशों के बाद प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
छात्रों और संस्थानों की सुरक्षा पर जोर
प्रशासन का कहना है कि मेडिकल संस्थानों का माहौल शिक्षा और चिकित्सा प्रशिक्षण के लिए सुरक्षित और सकारात्मक रहना चाहिए। इसी उद्देश्य से नई निगरानी व्यवस्था तैयार की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।